शास्त्री नगर में बैंकों ने लोन देने से खींचे हाथ, प्रॉपर्टी की कीमतों पर भी असर
सेंट्रल मार्केट और सेटबैक विवाद के बाद कारोबार सिमटा, ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर बढ़े; खरीदार वेट एंड वॉच की स्थिति में
मेरठ। कभी शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार शास्त्री नगर आज सेंट्रल मार्केट और सेटबैक प्रकरण के चलते मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जहां कभी घर खरीदना और कारोबार करना लोगों के लिए प्रतिष्ठा की बात माना जाता था, वहीं अब इलाके में कारोबार सिमटने के साथ प्रॉपर्टी बाजार पर भी असर दिखाई देने लगा है।
शास्त्री नगर की पहचान यहां की सेंट्रल मार्केट से भी रही है। त्योहारों के दौरान बाजार की रौनक पूरे इलाके को आकर्षण का केंद्र बना देती थी। लेकिन सेंट्रल मार्केट से जुड़े विवाद और सेटबैक प्रकरण के बाद स्थिति काफी बदल गई है। कई कारोबारी प्रभावित हुए हैं और रेजिडेंशियल-कमर्शियल नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
मकानों पर लगे ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर
स्थानीय लोगों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए शास्त्री नगर के कुछ मकान मालिक अपनी संपत्तियां बेचने का प्रयास कर रहे हैं। कई मकानों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ मकान मालिकों ने पहले की तुलना में संपत्ति की कीमतें कम भी की हैं, लेकिन इसके बावजूद खरीदार नहीं मिल रहे हैं। वहीं, शास्त्री नगर में संपत्ति खरीदने के इच्छुक कई लोग फिलहाल स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना रहे हैं।
हाउसिंग लोन की फाइलें भी अटकीं
इलाके के कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने शास्त्री नगर में मकान खरीदने के लिए हाउसिंग लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कुछ बैंकों ने उनकी फाइलें फिलहाल लंबित कर दी हैं।
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार, बैंक सामान्यतः ऐसे क्षेत्रों में ऋण देने से बचते हैं जिन्हें जोखिम वाला या विवादित माना जाता है। अवैध अथवा अनधिकृत कॉलोनियों, विवादित संपत्तियों और कमजोर बुनियादी ढांचे वाले क्षेत्रों में भी बैंक ऋण देने से परहेज करते हैं।
हालांकि बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक शास्त्री नगर का अधिकांश क्षेत्र लंबे समय से बैंकों की नजर में सामान्य और ऋण के लिहाज से बेहतर क्षेत्र रहा है। लेकिन सेंट्रल मार्केट और सेटबैक प्रकरण सामने आने के बाद कुछ बैंकों द्वारा यहां नए हाउसिंग लोन के मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरते जाने की बात सामने आ रही है।
कारोबारियों और संपत्ति मालिकों में बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर केवल सेंट्रल मार्केट के कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे शास्त्री नगर के प्रॉपर्टी बाजार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। कारोबारियों को जहां भविष्य की चिंता सता रही है, वहीं मकान मालिक संपत्ति बेचने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
फिलहाल शास्त्री नगर के लोग प्रशासन और आवास विकास से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। आने वाले समय में सेटबैक प्रकरण पर होने वाले फैसलों और प्रशासनिक कार्रवाई का सीधा असर इलाके के कारोबार और प्रॉपर्टी बाजार की दिशा तय कर सकता है।


No comments:
Post a Comment