त्रिकोण का रहस्यमयी आयाम


- ललिता जोशी
गणित में त्रिकोण का अपना ही रुतबा है । गणित में ज्यामिती में त्रिकोण पर अध्ययन किया जाता है । अध्यात्म में भी त्रिकोण की अहम भूमिका है । ट्रेफिक के सिग्नल में त्रिकोण, स्वास्थ्य, योग के क्षेत्र में त्रिकोण ।  त्रिकोण यानि तीन रेखाओं को जोड़कर बनाई गई आकृति । त्रिकोण में तीन भुजाएं और तीन कोण होते हैं । त्रिकोण सबसे कम भुजाओं वाला बहुभुज है। किसी त्रिकोण के तीनों आंतरिक कोणों का योग सदैव 180 डिग्री होता है । जिसकी भूमिका अत्यंत ही महत्वपूर्ण है ।

त्रिकोण का एक और रूप है त्रिकोण संख्या अथवा त्रिकोणीय संख्या दायीं ओर प्रदर्शित चित्र की तरह समबाहु त्रिभुज की रचना करने वाली वस्तुओं की गणना है । भई ये त्रिकोण तो गणित और अध्यात्म से निकल कर आम आदमी की ज़िंदगी में भी धीरे -धीरे अपनी पैठ बना चुका है । जन्म से लेकर मृत्यु तक त्रिकोण व्यक्तियों के जीवन में हावी रहता है। त्रिकोण है कि मानता नहीं । त्रिकोण दिल के मामलों में तो इतनी अहमियत रखता है उसका कहना ही क्या? प्रेम के त्रिकोण के कारण कई युद्ध हो चुके हैं । इतिहास गवाह है । अब तो इस त्रिकोण ने अविश्वसनीय और अकल्पनीय धमाल और कमाल मचा रखा है।
अपने देश में कई विवाहित और अविवाहित लड़के और लड़कियां प्रेम त्रिकोण के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं । आजकल तो इस प्रेम त्रिकोण ने न जाने कितनी जिंदगियों की सांसें छीन लीं हैं । इस त्रिकोण का बोलबाला वैसे तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में है । चाहे वो किसी भी क्षेत्र का हो । प्रेम के मामले में तो पीड़ित को मृत्यु मिलती है । ये मृत्यु कभी खाई में ,तो कभी पहाड़ की ऊंचाई से धक्का,कभी नीले ड्रम में तो ,कभी खाने -पीने में नशे की दवा देकर नशे की हालत में मौत देना है । आजकल हमारे देश के युवक और नवयुवतियाँ इस त्रिकोण के कारण अपनी जान से हाथ धो रहे हैं । क्या दशा हो रही हमारे युवकों की और किस दिशा में हमारी युवा पीढ़ी जा रही है ।
 
त्रिकोण तो राजनीति को प्रभावित कर रहा है । राजनेताओं को जीत मिले और पार्टी को हार तो कुर्सी का त्रिकोण सफल राजनेता को दल -बदल के लिए प्रेरित करता है और ये राजनेता अपनी पार्टी से अपना दामन छुड़ा कर दूसरी पार्टी में चल पड़ते है । वो भी सीना तानकर जैसे की वो उसी दल के साथ वर्षों से जुड़े हुए हैं । व्यापार में दो कोण यानि व्यापारी और धंधे के साथ तीसरा कोण मुनाफा यानि लाभ है । अभिनेताओं के जीवन में  भी बहुत से त्रिकोण हैं। सफलता का त्रिकोण और जीवन में सम्बन्धों का त्रिकोण । अखबारों के पेज थ्री ऐसी ही स्टोरीज़ से भरे रहते हैं ।
खिलाड़ियों के जीवन में खेल के साथ टीम में चयन और ऊंची बोली यानि दाम लगने का त्रिकोण । जितनी बड़ी बोली लगेगी तो वो खिलाड़ी के कद को तय करेगी । जितना बड़ा कद उतने एंडोर्समेंट मिलेंगे यानि उतना ज्यादा पैसा । ये भी त्रिकोण का एक कोण है । ये त्रिकोण तो बहुत अच्छे हैं लेकिन प्रेम त्रिकोण के कारण की जाने वाली हत्याएँ बहुत ही दुखद हैं । ये विचार आते कहाँ से इन तथाकथित प्रेमियों को । प्रेम तो त्याग और बलिदान है । शायद इन प्रेमियों को  दूसरे की जान लेना ही त्याग और बलिदान लगता है ।
(मुनिरका एन्क्लेव, दिल्ली)


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