नगर निगम में अफसर गायब, औचक निरीक्षण में खाली मिलीं कुर्सियां
अधिकारियों की गैरहाजिरी पर मचा हंगामा, कार्रवाई की मांग; सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
मेरठ। नगर निगम में अधिकारियों की कथित लापरवाही और समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को नगर निगम कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिलीं। कार्यालय खुलने का निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अधिकारियों की गैरहाजिरी को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान मौके की तस्वीरें भी ली गईं, जिनमें कई विभागों में अधिकारियों की अनुपस्थिति दिखाई दी। आरोप है कि शहर की जनता की समस्याओं के समाधान और नगर निगम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी ही समय पर कार्यालय में मौजूद नहीं रहते। इससे अपने काम के लिए निगम पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों का आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों को अपने छोटे-बड़े कामों के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई बार जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलते।
मामले को लेकर नगर आयुक्त को लिखित ज्ञापन सौंपकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की गई। साथ ही जनता से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि अगले दो दिनों में नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और अधिकारियों की उपस्थिति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो जनहित में नगर निगम कार्यालय पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।
नगर निगम शहर की मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में अधिकारियों की गैरहाजिरी का सीधा असर आम जनता के कामकाज पर पड़ सकता है। अब निगाहें नगर आयुक्त की कार्रवाई और निगम की उपस्थिति व्यवस्था में संभावित सुधार पर टिकी हैं।


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