पोलैंड दौरे पर सीसीएसयू का प्रतिनिधिमंडल, भारतीय दूतावास में हुई राजदूत से मुलाकात
दो विश्वविद्यालयों से होंगे एमओयू, कुलपति देंगी अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान
मेरठ। सीसीएसयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधिमंडल पोलैंड पहुंच गया है। प्रतिनिधिमंडल में शोध एवं विकास निदेशक प्रो. बीर पाल सिंह तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रकोष्ठ के उपनिदेशक प्रो. जितेंद्र सिंह भी शामिल हैं। यह दौरा पोलैंड के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के आमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक सहयोग को नई दिशा देना है।
पोलैंड पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास में भारत की राजदूत सुश्री नीता भूषण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत और पोलैंड के बीच उच्च शिक्षा, संयुक्त शोध, छात्र एवं शिक्षक विनिमय, नवाचार और संस्थागत सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से भी राजदूत को अवगत कराया।
दौरे के प्रमुख कार्यक्रम के अंतर्गत 3 जुलाई को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला पोलैंड के पोज़नान यूनिवर्सिटी ऑफ़ लाइफ़ साइंसेज़ में "सस्टेनेबल एनवायरनमेंट के लिए भारत-पोलैंड सहयोग को बढ़ावा देना विषय पर मुख्य व्याख्यान देंगी। यह विश्वविद्यालय कृषि, पर्यावरण, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य विज्ञान तथा प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में पोलैंड के अग्रणी संस्थानों में गिना जाता है और अपने शोध कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित है। कुलपति का यह व्याख्यान विश्वविद्यालय के PREIDUB कार्यक्रम के वित्तीय सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, शोध प्रयोगशालाओं तथा वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर संयुक्त शोध परियोजनाओं, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों तथा नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेगा।
दौरे के अगले चरण में प्रतिनिधिमंडल पोलैंड के नोवी सांच स्थित वाइज़्ज़ा स्ज़कोला बिज़नेसु - नेशनल लुइस यूनिवर्सिटी (डब्लूएसबी-एनएलयू) का भ्रमण करेगा। यह विश्वविद्यालय प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां भी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक के बाद दोनों संस्थानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे भविष्य में संयुक्त शोध, अकादमिक आदान-प्रदान, कौशल विकास, स्टार्टअप एवं नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
निदेशक शोध प्रोफेसर बीरपाल सिंह का कहना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दौरों से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होते हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी से संयुक्त शोध परियोजनाओं, अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, आधुनिक प्रयोगशालाओं तक पहुंच तथा वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की स्थिति मजबूत करने में सहायता मिलती है। साथ ही विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और शोध के नए अवसर उपलब्ध होते हैं।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित रहना नहीं, बल्कि वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित कर विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराना है। पोलैंड का यह दौरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी।


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