सनक में उजाड़ दिया परिवार्र डबल मर्डर में उम्रकैद

पति-पत्नी की हत्या में समीर को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मेरठ।मेरठ के वर्ष 2021 के चर्चित डबल मर्डर केस में सोमवार को अदालत ने आरोपी समीर उर्फ हसीन को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले का चयन ऑपरेशन कनविक्शन के तहत किया गया था, जिसके चलते प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाई गई।

सहायक शासकीय अधिवक्ता फरजाना मसूद के अनुसार, समीर उर्फ हसीन की वर्ष 2020 में ब्रह्मपुरी की समीर कॉलोनी निवासी जाविदा से मुलाकात हुई थी। इसके बाद उसका जाविदा के घर आना-जाना शुरू हो गया।समीर, जाविदा से एकतरफा प्रेम करने लगा था, जबकि जाविदा उसे भाई मानती थी। जाविदा के करीब आने के लिए उसने उसके पति आबाद से भी दोस्ती कर ली।आरोपी समीर ने साजिश के तहत जाविदा पर करीब तीन लाख रुपये खर्च किए। कुछ समय बाद आबाद को समीर की मंशा पर संदेह हुआ। उसने जाविदा को टोका, जिसके बाद जाविदा ने समीर से बातचीत बंद कर दी।पहले समीर इस बात को समझ नहीं पाया लेकिन फिर एक दिन उसकी आबाद से कहां सुनी हो गई। इससे नाराज समीर ने दोनों की हत्या की साजिश रच डाली।

बहाना बनाकर आबाद के घर रुका समीर

एडीजीसी फरजाना मसूद के मुताबिक, वारदात वाली रात यानि 21/22 सितंबर की रात समीर, आबाद के घर रुका था। उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर आबाद को खिलाईं और उनके अचेत होने पर करीब 2 बजे पहले आबाद की हत्या कर दी।इसके बाद उसने जाविदा को भी मौत के घाट उतार दिया। इस खौफनाक वारदात की चश्मदीद गवाह उनकी 12 वर्षीय बेटी सानिया बनी, जिसने पूरी घटना देखी थी।

पुलिस ने समीर को गिरफ्तार कर भेजा जेल

डबल मर्डर के बाद आरोपी समीर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तभी से आरोपी समीर जेल में बंद चल रहा था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बेटी सानिया की गवाही समेत 14 लोगों को गवाह के रूप में कोर्ट के सामने पेश किया गया।कुछ अन्य साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

ऑपरेशन कनविक्शन में चुना गया केस

ब्रह्मपुरी के समीर गार्डन में हुआ यह केस खास चर्चा में रहा। हीनियस क्राइम की संज्ञा दी, जिसके बाद पुलिस ने इसे ऑपरेशन कनविक्शन में चुना और प्रभावी पैरवी की रणनीति तैयार की।अभियोजन पक्ष ने इसे ऑपरेशन कनविक्शन की महत्वपूर्ण सफलता माना है। तीन वर्ष के भीतर मुकदमे का निस्तारण कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को कानून व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया है।

21 दिसंबर, 2022 को लगी चार्जशीट

ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने केस में मजबूती से काम किया। आरोपी की गिरफ्तारी कर उसे सलाखों के पीछे भेजा। इसके बाद 21 दिसंबर, 2022 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। वर्ष 2023 में यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या 12 को सौंप दिया गया। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने पुलिस के साथ मिलकर मजबूत पैरवी की।

सानिया ने दिलाया अपने माता-पिता को न्याय

अभियोजन पक्ष ने इस केस में करीब 14 गवाह पेश किए, जिनमें सानिया मुख्य गवाह रही। देखा जाए तो सानिया ने अपनी गवाही से अपने माता-पिता को न्याय दिलाने का काम किया है। बताया जाता है कि हत्या के बाद सानिया के जीवन को भी खतरा हो गया था, जिसे आसाम उसकी नानी के घर भेज दिया गया।अभियोजन पक्ष ने ऑनलाइन ही सानिया के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा एक पड़ौसी की भी गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिसमें आरोपी समीर को वारदात वाले दिन घर में जाते हुए देखा गया था।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts