दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच शुरू

RAF करेगी पड़ताल, पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

नई दिल्ली, 24 जुलाई। NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने शुरू कर दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद आवश्यकता पड़ने पर औपचारिक ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ गठित करने पर निर्णय लिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, 20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने के बाद मीडिया रिपोर्टों में पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा किया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उसके पास पैलेट गन नहीं हैं और भीड़ नियंत्रण के लिए उनका उपयोग नहीं किया जाता।

CRPF ने RAF के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और उन घटनाओं की भी समीक्षा की जाएगी, जिनमें RAF कर्मियों पर हमले के आरोप हैं।

क्या होती है पैलेट गन?

पैलेट गन एक प्रकार का दंगा-नियंत्रण हथियार है, जो विशेष कारतूस के माध्यम से धातु या रबर के छोटे-छोटे छर्रे (पैलेट्स) छोड़ती है। इसे सामान्यतः नॉन-लीथल (कम घातक) हथियार माना जाता है, लेकिन नजदीक से या अनुचित तरीके से इस्तेमाल होने पर यह गंभीर चोट, आंखों की क्षति या स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, इस प्रकार के हथियारों का प्रयोग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में और जवानों की सुरक्षा को तत्काल खतरा होने पर ही किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की RAF ने जांच शुरू की।
  • दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के उपयोग से इनकार किया।
  • CRPF घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
  • पैलेट गन भीड़ नियंत्रण का हथियार है, लेकिन इसके इस्तेमाल से गंभीर चोट लग सकती है।
  • जांच के बाद आवश्यकता होने पर औपचारिक जांच समिति गठित की जा सकती है।

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