आवासीय भवनों में चल रहे व्यवसायों की पहचान करें: सुप्रीम कोर्ट

सेंट्रल मार्किट समेत पूरे शहर में सर्वे के निर्देश, अगली सुनवाई पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के सेंट्रल मार्किट सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में आवासीय भवनों में संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने प्रमुख सचिव, आवास को निर्देश दिए हैं कि पूरे शहर में ऐसे भवनों की पहचान कराई जाए, जहां आवासीय उपयोग की अनुमति होने के बावजूद नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल सेंट्रल मार्किट ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी व्यापक सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर ऐसी सभी संपत्तियों की सूची तैयार की जाए जो आवासीय भवन होने के बावजूद व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही हैं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे और अगली सुनवाई के दौरान विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट में चिन्हित संपत्तियों की संख्या, उनके उपयोग की स्थिति तथा की गई कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवास विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अदालत के इस आदेश को शहरी नियोजन, यातायात व्यवस्था और आवासीय क्षेत्रों में नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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