सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट का झटका

44 सील भवनों को ध्वस्त करने के आदेश बरकरार, 15 दिन में स्वयं हटाने होंगे अवैध निर्माण

मेरठ, 14 जुलाई। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को व्यापारियों और भवन स्वामियों को कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने आवासीय भवनों में संचालित 44 सील व्यावसायिक परिसरों को ध्वस्त करने के आदेश बरकरार रखते हुए भवन स्वामियों को 15 दिन के भीतर स्वयं ध्वस्तीकरण करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.बी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि आवासीय भवनों में पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना नियमों के विरुद्ध है। अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में वैध नहीं ठहराया जा सकता और न ही उसे नियमित करने की अनुमति दी जा सकती है।

15 दिन में खुद हटाने होंगे निर्माण

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि भवन स्वामी निर्धारित अवधि में स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगी। ध्वस्तीकरण की पूरी लागत संबंधित आवंटियों से वसूली जाएगी।

अदालत ने परिषद की ओर से प्रस्तुत 1468 अवैध निर्माणों की सूची पर भी संज्ञान लिया और निर्देश दिया कि सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए।

फैसले के बाद बाजार में छाई मायूसी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही सेंट्रल मार्केट में मायूसी छा गई। धरने पर बैठी कई महिलाओं और व्यापारियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। व्यापारी और स्थानीय लोग लंबे समय से राहत की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन अदालत से कोई राहत नहीं मिली।

व्यापारियों का कहना है कि छोटे भूखंडों पर बने मकानों में सेटबैक के नियम लागू होने से बड़ी संख्या में भवन प्रभावित होंगे। अल्प और दुर्बल आय वर्ग के मकानों को राहत देने की मांग भी अदालत ने स्वीकार नहीं की।

नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर भी सख्ती

सुनवाई के दौरान आवासीय भवनों में संचालित नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों का मामला भी उठा। अदालत ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने आवास एवं विकास परिषद को अनधिकृत अस्पतालों और जांच केंद्रों पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, अस्पताल संचालकों को आवश्यक चिकित्सा उपकरण हटाने के लिए परिषद के समक्ष आवेदन देने की अनुमति दी गई है।

सुरक्षा के लिए तैनात किया गया पुलिस बल

फैसले के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया है। व्यापारी नेताओं के अनुसार मामले की अगली सुनवाई सितंबर में होगी, जिसमें परिषद को कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी होगी।

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