बिजली कटौती पर सियासत तेज: सपा विधायक अतुल प्रधान ने घेरा ऊर्जा भवन, एमडी को सौंपा ज्ञापन

मेरठ, 14 जुलाई 2026। मेरठ में गहराते बिजली संकट और अघोषित कटौती को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। सरधना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अतुल प्रधान ने मंगलवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के ऊर्जा भवन मुख्यालय पहुंचकर प्रबंध निदेशक (एमडी) रवीश गुप्ता से मुलाकात की। विधायक ने क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था पर कड़ा रोष जताते हुए एमडी को एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल सुधार की मांग की।

सपा विधायक ने चेताया कि यदि जल्द ही अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता को राहत नहीं मिली, तो वे आम लोगों को साथ लेकर विभाग के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलेंगे।


'शहर से देहात तक बिजली गुल, पानी का भी संकट'

एमडी से वार्ता के दौरान विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।

  • अघोषित कटौती: ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है।

  • लो-वोल्टेज की मार: जो बिजली आ भी रही है, उसका वोल्टेज इतना कम है कि बिजली उपकरण काम नहीं कर पा रहे हैं।

  • पेयजल की किल्लत: बिजली गुल रहने के कारण कई इलाकों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।


भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

विधायक ने बिजली विभाग के निचले स्तर पर फैले भ्रष्टाचार और अफसरों की लापरवाही को इस बदहाली की मुख्य वजह बताया। उन्होंने एमडी के सामने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए:

  • सामान की किल्लत: उपभोक्ता और किसान नए कनेक्शन या अन्य कार्यों के लिए एस्टीमेट के पैसे जमा कर चुके हैं, लेकिन महीनों बाद भी उन्हें सामान (ट्रांसफार्मर, तार आदि) नहीं मिल पा रहा है।

  • अधूरी क्षमतावृद्धि: जिन क्षेत्रों में लोड बढ़ाने (कैपेसिटी एन्हांसमेंट) की सख्त जरूरत है, वहां फाइलें दबी पड़ी हैं।

  • खराब व्यवहार: बिजलीघरों (सब-स्टेशनों) पर तैनात कर्मचारियों का व्यवहार जनता के प्रति बेहद निराशाजनक है और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा।


"यह पीवीवीएनएल का नहीं, सरकार का फेलियर है"

"मेरठ और आसपास के जिलों में बिजली की यह दुर्दशा केवल पीवीवीएनएल प्रबंधन की नहीं, बल्कि सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की विफलता है। सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। सपा सरकार के कार्यकाल में अखिलेश यादव ने जो सुदृढ़ बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया था, उसे इस सरकार ने ध्वस्त कर दिया। अब जनता को सिर्फ अखिलेश यादव से ही उम्मीद है।" — अतुल प्रधान, सपा विधायक (सरधना)

एमडी का आश्वासन: विधायक की सभी शिकायतों और मांगों को सुनने के बाद पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरधना क्षेत्र समेत सभी प्रभावित इलाकों की समस्याओं की जांच कराई जाएगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे।

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