सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने से हाईकोर्ट का इनकार सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रहेगा इलाज
नई दिल्ली, 19 जुलाई। दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल मेदांता स्थानांतरित करने की मांग पर फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनका इलाज सरकारी अस्पताल सफदरजंग में ही जारी रहेगा।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
अदालत ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है और सोनम वांगचुक के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनकी सेहत को लेकर अंतिम निर्णय अस्पताल की मेडिकल टीम ही लेगी। साथ ही वांगचुक को इलाज के दौरान डॉक्टरों का सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
सुनवाई के दौरान चिकित्सा टीम ने अदालत को बताया कि वांगचुक की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्हें ओरल फ्लूइड्स और पोटैशियम क्लोराइड दिया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे उपवास के कारण वह कीटोसिस की स्थिति में हैं, जिससे शरीर में पानी, कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम की कमी हुई है। डॉक्टर उन्हें आवश्यक उपचार देने की सलाह दे रहे हैं।
सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने और पोटैशियम की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और हल्का सुधार भी देखा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें एम्स में स्थानांतरित करने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।
वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर चुनने का अधिकार है। उन्होंने मेदांता में स्थानांतरण की मांग करते हुए कहा कि वहां परिवार और परिचितों की बेहतर पहुंच हो सकेगी।
इस पर अदालत ने सवाल किया कि सरकारी डॉक्टरों की क्षमता पर संदेह क्यों किया जा रहा है। सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य डॉक्टरों पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि वांगचुक को सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं। उनकी पत्नी, भाई और जीजा को 24 घंटे उनके साथ रहने की अनुमति दी गई है और परिवार के लिए अस्पताल में अलग कमरे की व्यवस्था की गई है।
फिलहाल अदालत ने मेदांता स्थानांतरण की मांग स्वीकार नहीं की है और सोनम वांगचुक का इलाज सफदरजंग अस्पताल में ही जारी रहेगा।


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