मेरठ के हुनर को मिली नई उड़ान, ओडीओपी से आत्मनिर्भर बन रहे युवा

450 युवाओं को मिली आधुनिक टूलकिट, प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड भी दे रही योगी सरकार

मेरठ। सरकार की एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना मेरठ के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही है। जिले के पारंपरिक उत्पादों से जुड़े युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत अब तक जिले के 450 युवाओं को आधुनिक टूलकिट प्रदान की जा चुकी है। इससे युवा अपने हुनर को रोजगार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मेरठ के खेल सामग्री, ढोलक और रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत युवाओं को 10 दिनों का निशुल्क तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षु को 200 रुपये प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है, ताकि आर्थिक कारण उनके कौशल विकास में बाधा न बनें।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को करीब 20 हजार रुपये मूल्य की आधुनिक टूलकिट निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इन उपकरणों की मदद से युवा अपना स्वरोजगार शुरू करने के साथ ही पहले से संचालित कारोबार को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप विस्तार दे रहे हैं।

पारंपरिक उद्योगों को मिल रहे प्रशिक्षित हाथ, बढ़ रहे रोजगार के अवसर

मेरठ देशभर में खेल सामग्री, ढोलक और रेडीमेड गारमेंट्स के उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। ओडीओपी योजना के माध्यम से इन पारंपरिक उद्योगों के लिए प्रशिक्षित कारीगर तैयार किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने की जानकारी भी दी जाती है।

इससे स्थानीय उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो रहा है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण मिलने से पारंपरिक कारोबार में नई तकनीक का समावेश हो रहा है।

स्थानीय हुनर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास

योगी सरकार का लक्ष्य पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहित करते हुए स्थानीय युवाओं को उनके जिले में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। ओडीओपी योजना के माध्यम से कौशल विकास, आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहयोग का समन्वय किया जा रहा है। इससे मेरठ के पारंपरिक उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

सरकार की यह पहल स्थानीय हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इससे युवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ मेरठ के पारंपरिक उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिल रही है।

उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडे ने बताया कि ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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