शपथपत्र देकर खुल सकेंगे कोचिंग सेंटर
दो महीने में पूरे करने होंगे सभी मानक, मेडा ने सीलिंग कार्रवाई में दी राहत
मेरठ। लखनऊ और दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर सील किए गए कोचिंग सेंटरों को मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने सशर्त राहत प्रदान की है। अब कोचिंग संचालक दो माह के भीतर सभी निर्धारित मानकों को पूरा करने का शपथपत्र (एफिडेविट) देकर अपने संस्थान पुनः संचालित कर सकेंगे। इस संबंध में मेडा के उपाध्यक्ष संजय मीणा ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए। आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों में दो कोचिंग संचालकों ने शपथपत्र भी जमा कर दिया।
लखनऊ और दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटनाओं के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई थी। मेरठ में भी मेडा ने भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी के विरुद्ध सीलिंग अभियान चलाया था। इस दौरान शहर में लगभग 50 कोचिंग सेंटर सील किए गए, जबकि 80 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए।
सीलिंग कार्रवाई का कोचिंग संचालकों ने विरोध करते हुए जिलाधिकारी, कमिश्नर तथा मेडा अधिकारियों से राहत की मांग की थी। वहीं छात्रों ने भी पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहते हुए कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की थी।
मेडा उपाध्यक्ष संजय मीणा की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें छात्रों के हितों और उनकी पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए सशर्त राहत देने का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार, जो संचालक दो माह के भीतर सभी निर्धारित मानकों को पूरा करने का शपथपत्र देंगे, उन्हें संस्थान संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। हालांकि निर्धारित अवधि में मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध दोबारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मेरठ से पहले गाजियाबाद विकास प्राधिकरण भी इसी प्रकार की राहत कोचिंग संचालकों को दे चुका है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य संस्थानों को बंद कराना नहीं, बल्कि उन्हें सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना है, ताकि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अनुमति के लिए प्रमुख शर्तें
- छात्रों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण तथा सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
- शिक्षकों की योग्यता एवं अनुभव निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
- संस्थान में इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र सहित सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे।
- शिक्षा विभाग की अनुमति, भवन का स्वीकृत मानचित्र तथा फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।


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