तत्काल बहाल किए जाएं हटाए गए शिक्षकः कुलपति
श्री अग्रसेन महिला पीजी कालेज वाराणसी का मामला
वाराणासी।हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में तीन माह में सुनवाई के पश्चात काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने अपना फैसला श्री अग्रसेन महिला पीजी कालेज के शिक्षकों के पक्ष में दिया। उन्होंने कालेज प्रबंधन और प्राचार्य को निर्देश दिया है कि तत्काल हटाए गए शिक्षकों को बहाल किया जाए।
गौरतलब है कि श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज वाराणसी प्रबंधन द्वारा गत वर्ष जून 2025 में स्ववित्त पोषित योजनान्तर्गत 16 शिक्षक एवं 15 कर्मचारियों को यह कह कर निष्कासित कर दिया गया था कि महाविद्यालय में छात्राओं की संख्या एवं आय की कमी को देखते हुए आपकी सेवा समाप्त हो गई और इसकी सूचना व्हाट्सप्प पर 5 जून, 2025 को भेज दी गई। लेकिन ये सभी शिक्षक महाविद्यालय में प्रतिदिन अपनी उपस्थिति लगातार दर्ज कराते रहे हैं। इस संबंध में महाविद्यालय के कार्यमुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों नें शासन, प्रशासन सहित मुख्यमंत्री से काशी में पहली पर जनसुनवाई में 30 अगस्त, 2025 को अपनी वापसी की गुहार लगायी थी।
मुख्यमंत्री के आश्वासन पर शासन द्वारा बहाली करने, वेतन देने एवं विशेष ऑडिट का आदेश शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा दिया गया परन्तु प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा समस्त आदेशों को दरकिनार कर दिया गया और प्रबंधन की ओर से आदेशों के खिलाफ उच्च न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया, जिसमें सिंगल बेंच नें शिक्षकों को बिना उचित कारण बताये सेवा से समाप्त नहीं की जा सकती का आदेश दिया। कोर्ट के सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ फिर प्रबंधन नें डबल बेंच में दूसरी याचिका दाखिल कर दी। इस सुनवाई में फैसला देते हुए डबल बेंच ने 1 अप्रैल 2026 को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति को तीन माह में सुनवाई करने का फैसला देते हुए उक्त याचिका को ख़ारिज कर दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कुलपति प्रो. एके त्यागी ने मामले में उभय पक्षों (प्रबंधन एवं निष्कासित शिक्षकों)की सुनवाई के बाद निर्णय दिया कि-निष्कासित 16 शिक्षकों को तत्काल सेवा में बहाल करते हुए उन्हें उस अवधि के वेतन सहित अन्य बकाए के भुगतान का आदेश दिया। उन्होंने प्रबंधक की निष्कासन कार्रवाई को मनमाना और नियमों के प्रतिकूल माना है। कुलपति ने आदेश में यह भी लिखा है कि अप्रैल से जून तक सुनवाई के दौरान प्रबंधक और प्राचार्य की भूमिका निराश करने वाली रही है।
बताते चलें कि ये शिक्षक विगत 20 -25 वर्षों से लगातार सेवा में थे एवं कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर,परीक्षा उप नियंत्रक,प्रवेश समिति आदि विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते रहे हैं।लगातार 13 महीने से अपनी बहाली के लिए संघर्षरत रहे हैं।


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