शिमला में नए निर्माण पर रोक, कोर एरिया ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ घोषित
संजौली से मॉल रोड और छोटा शिमला तक बड़ा इलाका प्रतिबंध के दायरे में; निजी मकान और व्यावसायिक भवन बनाने पर रोक
शिमला, 30 जुलाई। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजधानी शिमला में तेजी से हो रहे निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सुक्खू कैबिनेट ने शिमला के प्रमुख और संवेदनशील कोर एरिया के अधिकांश हिस्से को ‘नो कंस्ट्रक्शन जोन’ घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में नए निजी मकान और व्यावसायिक भवन बनाने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार के अनुसार, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य शिमला की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को संरक्षित करना है। हालांकि, आम लोगों की सुविधा के लिए जरूरी सरकारी भवनों और पुराने भवनों को उनके मूल स्वरूप में दोबारा बनाने को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
संजौली से छोटा शिमला तक क्षेत्र शामिल
प्रस्तावित नो-कंस्ट्रक्शन जोन में संजौली सड़क के ऊपर का क्षेत्र, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, आईजीएमसी, लक्कड़ बाजार, रिज मैदान, रानी झांसी पार्क, मॉल रोड, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, क्लार्क्स होटल, ओक ओवर, छोटा शिमला और वापस संजौली तक का क्षेत्र शामिल होगा।
इन इलाकों में निजी स्तर पर नए भवनों के निर्माण पर रोक रहेगी। नगर एवं ग्राम नियोजन (TCP) विभाग अब मसौदा अधिसूचना जारी कर आम लोगों से इस प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मांगेगा।
हरियाली बचाने पर जोर
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य शिमला की हरियाली और प्राकृतिक स्वरूप को बचाना है। उन्होंने कहा कि लोग शिमला की प्राकृतिक सुंदरता और जंगलों का आनंद लेने आते हैं, न कि शहर को कंक्रीट के जंगल में बदलते देखने।
बताया गया कि इन क्षेत्रों में से अधिकांश पहले शिमला डेवलपमेंट प्लान-2041 के तहत 17 ‘नो-कंस्ट्रक्शन ग्रीन बेल्ट’ में शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी 2024 को इस विकास योजना को मंजूरी दी थी।
प्रतिबंधित सड़कों पर परमिट शुल्क भी घटा
इस बीच हिमाचल सरकार ने शिमला की सील और प्रतिबंधित सड़कों पर निजी वाहनों के लिए परमिट शुल्क में भी कटौती की है। नए अध्यादेश के तहत सील सड़क के लिए सालाना परमिट शुल्क 15,000 रुपये से घटाकर 8,000 रुपये और प्रतिबंधित सड़क के लिए 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है।
पहली बार छह महीने का परमिट लेने की सुविधा भी दी गई है। छह महीने के परमिट के लिए सील सड़क पर 4,500 रुपये और प्रतिबंधित सड़क पर 2,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
बिना परमिट के सील और प्रतिबंधित सड़कों पर निजी वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। इनमें नवबहार-रिज, छोटा शिमला-मॉल एवं रिज, आईजीएमसी-रिज, एजी ऑफिस-सीटीओ तथा आईआईएएस-बोइलोगंज-विधानसभा मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें शामिल हैं।


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