औद्योगिक भूमि फ्रीहोल्ड करने की मांग, उद्यमियों ने दिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सुझाव
यूपीसीडा अधिकारियों के साथ बैठक में जीएसटी सरलीकरण और निरीक्षण व्यवस्था में सुधार पर जोर
बैठक में परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (पीआईईएमए), स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पीआईईएमए के अध्यक्ष निपुण जैन ने कहा कि यूपीसीडा और जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि को शीघ्र फ्रीहोल्ड घोषित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे उद्यमियों को भूमि पर पूर्ण स्वामित्व मिलेगा, उद्योगों का विस्तार आसान होगा, बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा प्रदेश में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
उद्यमियों ने वर्तमान सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम (सीआईएस) में भी बदलाव की मांग करते हुए कहा कि बिना शिकायत के अनावश्यक निरीक्षण से उद्योगों को परेशानी होती है। उनका सुझाव था कि किसी शिकायत की स्थिति में पहले संबंधित इकाई को नोटिस देकर उसका पक्ष लिया जाए और केवल आवश्यक होने पर ही निरीक्षण किया जाए। इससे अनावश्यक उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और तथाकथित इंस्पेक्टर राज पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
बैठक में जीएसटी की बहु-स्तरीय कर व्यवस्था को सरल बनाकर एक या अधिकतम दो टैक्स स्लैब लागू करने का भी सुझाव दिया गया। उद्यमियों का मानना है कि इससे कर प्रणाली सरल होगी, अनुपालन लागत कम होगी और छोटे एवं मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने औद्योगिक क्षेत्रों में कॉमन फायर फाइटिंग सिस्टम और कॉमन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, उद्यमी शुबनेश अग्रवाल ने निवेश मित्र पोर्टल पर उद्योगों को अपेक्षित सुविधाएं न मिलने का मुद्दा भी उठाया।
बैठक में उपस्थित यूपीसीडा के महाप्रबंधक राकेश झा और उपमहाप्रबंधक सलिल यादव ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा उद्योगों के हित में आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा।


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