वन टीम पर अवैध खनन रोकने के दौरान हमला
आरोपियों ने ट्रैक्टर छुड़ाया, सबूत मिटाए; केस दर्ज
मेरठ।आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला हुआ है। हमलावरों ने टीम से ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ली और वनकर्मियों के मोबाइल से घटना के सबूत मिटा दिए। यह घटना 30 जून 2026 को हुई, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
वन विभाग को 30 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा ऋषभ सिंह, अंकित यादव और वनरक्षक नितिन त्यागी की तीन सदस्यीय टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
टीम ने घटनास्थल पर ट्रैक्टर ड्राइवर सचिन पुत्र भोलर, निवासी जलालपुरजोरा को अवैध खनन करते हुए रंगेहाथ पकड़ा। हालांकि, अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। वन विभाग की टीम ट्रैक्टर-ट्रॉली और पकड़े गए आरोपी को रेंज कार्यालय ला रही थी।
इसी दौरान रास्ते में जलालपुरजोरा निवासी अजीत, कृष और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने संगठित होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन रोक लिया। उन्होंने वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने वन रक्षक पर डंडों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिसकी पुष्टि चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) से भी हुई है।
हमले के बाद आरोपियों ने वन विभाग की हिरासत से ट्रैक्टर-ट्रॉली जबरन छुड़वा ली। उन्होंने वनकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके अलावा, आरोपियों ने वनकर्मियों को डराकर उनके मोबाइल फोन से घटना से संबंधित वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जबरन डिलीट करवा दिए।
इस मामले में थाना हस्तिनापुर प्रभारी लालाराम शर्मा ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। वन विभाग क्षेत्र अधिकारी खुशबू उपाध्याय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।


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