जगन्नाथ रथयात्रा शांतिपूर्वक निकली, रथ पर बैठने को लेकर विवाद बरकरार
मेरठ, 16 जुलाई (संवाददाता)। सदर स्थित प्राचीन बिलवेश्वर महादेव मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्रा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निकाली गई। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई, हालांकि रथ पर पुजारियों के बैठने को लेकर विवाद पूरे आयोजन के दौरान चर्चा का विषय बना रहा।
मंदिर समिति का आरोप है कि प्रशासन ने पूर्व में आयोजित बैठक में दोनों पुजारियों को रथ पर सवार होने की अनुमति नहीं दी और केवल पूजा-अर्चना करने की बात कही। समिति का कहना है कि यह निर्णय वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के विपरीत है तथा धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप है।
यात्रा के दौरान उस समय कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो महिलाओं ने रथ के आगे चल रहे श्रद्धालुओं को रोकने का प्रयास किया और पुलिस से शिकायत की। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद यात्रा बिना किसी बाधा के आगे बढ़ती रही।
जगन्नाथ यात्रा समिति से जुड़े पवन गोयल, गणेश अग्रवाल और नितिन बालाजी सहित अन्य सदस्य रथ से कुछ दूरी पर चलते हुए पूजा-अर्चना करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा।
मंदिर समिति की सचिव राशि शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन धार्मिक परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर विवाद से जुड़े दूसरे पक्ष को प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराना है। अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है।
विवाद के बावजूद भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के संपन्न हुई। इस बार रथ पर कोई भी सवार नहीं हुआ और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के जयकारों के बीच यात्रा में भाग लिया।


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