शास्त्रीनगर प्रभावितों के लिए 1313 फ्लैट तैयार, 196 नई दुकानों का होगा निर्माण
सस्ती दरों पर आवास और प्राथमिकता से दुकानें देने की तैयारी, 44 सील भवनों पर जल्द जारी होंगे नोटिस
मेरठ। शास्त्रीनगर में सेटबैक और अवैध व्यावसायिक निर्माण के मामले में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के पुनर्वास की दिशा में आवास विकास परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परिषद ने जागृति विहार एक्सटेंशन योजना में 1313 फ्लैट तैयार कर लिए हैं, जबकि व्यापारियों के लिए 196 नई दुकानों के निर्माण का टेंडर भी खोल दिया गया है।
यह तैयारी मुख्यमंत्री के सलाहकार समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद सामने आए प्रस्तावों के अनुरूप की जा रही है। आवास विकास परिषद का कहना है कि प्रभावित परिवारों और व्यापारियों की सहमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
196 दुकानों के निर्माण का रास्ता साफ
आवास विकास परिषद ने सेक्टर-7 स्थित रंगोली मंडप के पास पुराने सामुदायिक भवन की जगह 116 दुकानों के कॉम्प्लेक्स तथा हापुड़ रोड पर रॉयल प्लाजा के पास 80 दुकानों के कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना बनाई है। उप आवास आयुक्त अनिल सिंह ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के टेंडर खोल दिए गए हैं और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इसके अलावा नगर निगम नई सड़क स्थित अपने नए कार्यालय परिसर में 48 दुकानें तैयार कर चुका है। वहीं सूजकुंड पर 40 दुकानों तथा महापौर कैंप कार्यालय परिसर में 180 दुकानों के कॉम्प्लेक्स के निर्माण की भी तैयारी चल रही है। इन दुकानों के आवंटन में सेंट्रल मार्केट के प्रभावित व्यापारियों को प्राथमिकता देने की योजना है।
1313 फ्लैट होंगे उपलब्ध
शास्त्रीनगर के ईडब्ल्यूएस और अन्य छोटे मकानों के प्रभावित परिवारों के लिए जागृति विहार एक्सटेंशन योजना में 32 से 64 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले 1313 फ्लैट तैयार किए गए हैं। उप आवास आयुक्त ने बताया कि इन फ्लैटों का आवंटन प्रभावित परिवारों को रियायती दरों और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
44 सील भवनों को मिलेगा नोटिस
आवास विकास परिषद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सील किए गए 44 व्यावसायिक भवनों की पहले वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। सभी भवनों को स्वीकृत मानचित्र के अनुसार मूल आवासीय स्वरूप में लाना होगा।
री-डेवलपमेंट का भी प्रस्ताव
परिषद ने शास्त्रीनगर के ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवंटियों के सामने री-डेवलपमेंट योजना का प्रस्ताव भी रखा है। इसके तहत 40 वर्ष से अधिक पुराने और जर्जर मकानों को हटाकर बहुमंजिला आवासीय भवन बनाए जाएंगे, जिनमें सेटबैक सहित सभी मानकों का पालन होगा।
यह परियोजना निजी डेवलपर के माध्यम से विकसित की जाएगी। डेवलपर मूल आवंटियों को नए मकान उपलब्ध कराएगा और अतिरिक्त फ्लैटों की बिक्री से परियोजना की लागत पूरी करेगा। यदि आवंटी स्वयं डेवलपर का चयन नहीं कर पाते हैं तो आवास विकास परिषद इस प्रक्रिया में सहयोग करेगी।
शास्त्रीनगर में वर्तमान में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 368 तथा एलआईजी श्रेणी के 138 मकान इस योजना के दायरे में आ सकते हैं


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