मेरठ में 'चक्रव्यूह: द अल्टीमेट चेस बैटल' शतरंज प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
प्रवीण कुमार ने किया उद्घाटन, विधायक अमित अग्रवाल ने विजेताओं को किया सम्मानित
मेरठ। अनप्रेडिक्टेबल नाइट चेस एकेडमी एवं गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, मेरठ कैंट के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता 'चक्रव्यूह: द अल्टीमेट चेस बैटल' का आयोजन स्कूल परिसर में किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों और शतरंज अकादमियों के 200 से अधिक बाल खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी रणनीति और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शतरंज मानसिक एकाग्रता, धैर्य और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने वाला श्रेष्ठ खेल है। उन्होंने कहा कि मेरठ के बच्चों में अपार प्रतिभा है और उन्हें ऐसे मंच लगातार मिलते रहने चाहिए।
दिनभर चले पांच राउंड के मुकाबलों के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने विजेताओं को ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।
विजेताओं की सूची
अंडर-11 ओपन
- प्रथम: अरहम जैन
- द्वितीय: विवान अग्रवाल
- तृतीय: अतिन कुमार
अंडर-11 बालिका
- प्रथम: अनिका गोयल
- द्वितीय: सेजल तायल
- तृतीय: आदिरा गर्ग
अंडर-9 वर्ग
- प्रथम: एहित गोयल
- द्वितीय: आरुष बंसल
- तृतीय: अमोघ अग्रवाल
अंडर-14 ओपन
- प्रथम: अभ्रनील दे
- द्वितीय: अरमान जमीर
- तृतीय: शौर्य चाहल
अंडर-14 बालिका
- प्रथम: आराध्या शर्मा
- द्वितीय: मन्शा ठाकुर
- तृतीय: आरोही ठाकुर
अंडर-17 ओपन
- प्रथम: पारस अग्रवाल
- द्वितीय: स्पर्श कुमार
- तृतीय: नमन शर्मा
अंडर-17 बालिका
- प्रथम: पारिशी जैन
- द्वितीय: भव्या गोयल
- तृतीय: कुमकुम
विशेष पुरस्कार
सबसे युवा खिलाड़ी का पुरस्कार मोहम्मद अरसलान और देवांश चौधरी को दिया गया, जबकि सबसे युवा बालिका खिलाड़ी का सम्मान प्रगति कुशवाहा और समायरा अग्रवाल को मिला।
सर्वश्रेष्ठ स्कूल/अकादमी ट्रॉफी में बेले राम स्कूल प्रथम, मुजफ्फरनगर एकेडमी द्वितीय और एमपीजीएस स्कूल तृतीय स्थान पर रहे।
आयोजन के समापन पर अनप्रेडिक्टेबल नाइट चेस एकेडमी की संस्थापक एवं आयोजन सचिव आरात्रिका सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में शतरंज की संस्कृति को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल दीक्षित ने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और खेल भावना का भी पाठ पढ़ाते हैं। वहीं उपप्रधानाचार्य प्रभा राव ने बड़ी संख्या में बच्चों की सहभागिता और शांतिपूर्ण आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शतरंज बच्चों के मानसिक विकास और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाता है।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुख्य रेफरी वैभव शर्मा, आयोजन सचिव आरात्रिका सिंह, टूर्नामेंट कोऑर्डिनेटर अंशुल बाटला, अखिल चौधरी, सुशील कुमार, नीरू बाला और अंकुर पंवार सहित विद्यालय की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


No comments:
Post a Comment