12वीं से पहले ही टेक-एक्सपर्ट बनेंगे छात्र, सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे IIIT के प्रोफेसर
वाराणसी के राजकीय क्वींस कॉलेज से होगी पहल, एआई और रोबोटिक्स के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू
वाराणसी, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब इंटरमीडिएट से पहले ही आधुनिक तकनीकों और इंजीनियरिंग की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। राज्य में पहली बार वाराणसी के राजकीय क्वींस कॉलेज से इस पहल की शुरुआत की जा रही है, जहां जल्द ही भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), वडोदरा के साथ समझौता (एमओयू) किया जाएगा।
कॉलेज में हाल ही में स्थापित अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत IIIT के विशेषज्ञ प्रोफेसर और तकनीकी टीम ऑनलाइन, ऑफलाइन तथा विशेष कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीकी विषयों की जानकारी देंगे।
IIIT वडोदरा के निदेशक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में किसी सरकारी विद्यालय में इस प्रकार की मॉडल एआई लैब स्थापित करने का यह पहला प्रयास है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप छात्रों को रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।
संस्थान द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर ज्ञान, डिजिटल मीडिया, रोबोटिक्स तथा अन्य तकनीकी विषयों पर तीन माह के प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) कोर्स तैयार किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र की आधारभूत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में यह सुविधा राजकीय क्वींस कॉलेज के लगभग 2,500 विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार आसपास के अन्य सरकारी विद्यालयों के छात्रों को भी इन सर्टिफिकेट कोर्सों का लाभ दिया जाएगा।
एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं आईआईटी (बीएचयू) के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी रूप से दक्ष बनाने में सहायक होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एमओयू के बाद इस कार्यक्रम का विस्तार अन्य सरकारी स्कूलों तक भी किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के बाद करियर चुनने में सुविधा मिलेगी तथा वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में बेहतर अवसरों के लिए पहले से तैयार हो सकेंगे।


No comments:
Post a Comment