यूपी के परिषदीय विद्यालयों के रसोइयों को हर माह मिलेगा ₹1000 अतिरिक्त मानदेय
लखनऊ, 11 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना (मिड-डे मील) के तहत कार्यरत रसोइयों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए नई मानदेय व्यवस्था लागू की है। शासन के आदेश के अनुसार अब प्रत्येक रसोइए को वर्तमान पारिश्रमिक के अतिरिक्त ₹1000 प्रतिमाह का मानदेय अलग से दिया जाएगा।
जारी शासनादेश के अनुसार, पहले रसोइयों का मानदेय मध्यान्ह भोजन योजना की परिवर्तन लागत (कन्वर्टिबल कॉस्ट) के प्रशासनिक व्यय मद से दिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त मानदेय के लिए अलग वित्तीय प्रावधान किया गया है। इस पर होने वाले कुल व्यय का 75 प्रतिशत केंद्र सरकार तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाया है। सभी रसोइयों के बैंक खातों में राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। ग्राम शिक्षा निधि एवं वार्ड शिक्षा निधि के माध्यम से एकाउंट पेयी चेक अथवा डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर द्वारा भुगतान किया जाएगा। सहायता प्राप्त विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों तथा गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित विद्यालयों में भी राशि संबंधित संस्था के खाते में भेजी जाएगी।
शासन ने छात्र संख्या के आधार पर रसोइयों की तैनाती के मानक भी निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार 25 छात्रों तक एक, 26 से 100 तक दो, 101 से 200 तक तीन, 201 से 300 तक चार, 301 से 1000 तक पांच, 1001 से 1500 तक छह तथा 1501 से अधिक छात्रों वाले विद्यालयों में सात रसोइयों की तैनाती की जाएगी।
नई व्यवस्था से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में रसोइयों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।


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