खेल विवि में स्पोर्ट्स जर्नलिज्म डिप्लोमा प्रारम्भ

मेजर ध्यानचंद खेल विवि ने नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की घोषणा की

मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय मेे नए शैक्षिणिक सत्र का आंरभ हो गया है। खेल विवि स्पोर्टस जर्नलिज्म डिप्लोमा आरंभ कर दिया है। इस बात की जानकारी कृषि विवि में आयोजित मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए खेल विवि के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावति ने  जानकारी दी । 

कुलपति महोदय ने कुलाधिपति व सीएम  के प्रति खेलों के विकास, खेल संस्कृति के सुदृढ़ीकरण तथा राज्य में विश्वस्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु उनके दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं पूर्ण सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

 कुलपति ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की परिकल्पना खेल, शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान को एकीकृत मंच पर लाने वाली एक अग्रणी संस्था के रूप में की गई है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा सशक्त वातावरण विकसित करना है, जहाँ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों, खेल पेशेवरों, प्रशिक्षकों तथा कोचों को विकसित होने और देश की खेल उपलब्धियों में योगदान देने के अवसर प्राप्त हों।

तेजी से विस्तार कर रहे खेल उद्योग में युवाओं के लिए नए करियर अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र से स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में पी.जी डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने जा रहा है। यह कार्यक्रम खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए खेल पत्रकारिता, ब्रॉडकास्टिंग, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कमेंट्री, जनसंपर्क तथा खेल संचार जैसे क्षेत्रों में करियर के नए द्वार खोलेगा।

इस पाठ्यक्रम का शुभारंभ इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि मेरठ को देश की "स्पोर्ट्स सिटी" के रूप में जाना जाता है और यह भारत के सबसे बड़े खेल सामग्री निर्माण केंद्रों में से एक है। शहर और इसके आसपास हजारों खेल सामग्री निर्माण इकाइयाँ संचालित हैं, जिनमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध ब्रांड शामिल हैं। भारत में खेल उद्योग के तेजी से विस्तार के साथ खेल संचार, मीडिया प्रबंधन, कंटेंट निर्माण और खेल विपणन के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में यह पी.जी डिप्लोमा पाठ्यक्रम अत्यंत प्रासंगिक साबित होगा।

"आज खेल उद्योग को केवल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की ही नहीं, बल्कि ऐसे कुशल पेशेवरों की भी आवश्यकता है जो खेलों की कहानियां समाज तक पहुंचा सकें, खिलाड़ियों की उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण कर सकें, खेल संस्कृति को बढ़ावा दे सकें और मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को समाज से जोड़ सकें। स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन पी.जी डिप्लोमा के माध्यम से हमारा उद्देश्य खेल संचारकों की नई पीढ़ी तैयार करना तथा खेल प्रेमी युवाओं को इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में सार्थक करियर अवसर प्रदान करना है," यह बात विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत (सेवानिवृत्त) ने कही।

कुलपति ने यह घोषणा आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों, शैक्षणिक विस्तार योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास तथा प्रशासनिक प्रगति की जानकारी देने के लिए आयोजित मीडिया संवाद के दौरान की।

मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन के अनुरूप कार्य कर रहा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल राज्य बनाना तथा युवाओं के लिए खेल एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार और करियर के अधिक अवसर उपलब्ध कराना लक्ष्य है।

आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए कुलपति ने बताया कि बीपीईएस (BPES), बी.एससी. योग, एम.एससी. योग तथा स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में पी.जी डिप्लोमा में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन, स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी तथा स्कूल ऑफ कोचिंग के अंतर्गत अपने शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है। स्कूल ऑफ कोचिंग के तहत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, इक्वेस्ट्रियन, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती तथा योग में पी.जी डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे प्रशिक्षित कोचों और खेल विशेषज्ञों की बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सकेगा।

कुलपति ने विश्वविद्यालय के सलावा परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी तथा बताया कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, शोध और खेल प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों एवं अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

"हमारा उद्देश्य मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को खेल शिक्षा, कोचिंग, खेल विज्ञान, अनुसंधान और खेल प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना है। यह विश्वविद्यालय भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा," उन्होंने कहा।

मीडिया संवाद में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार झा, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. सत्यंत कुमार तथा अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय ने छात्रों, खिलाड़ियों तथा अन्य हितधारकों से खेल-केंद्रित शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने और उत्तर प्रदेश तथा देश में खेलों के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।

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