साहब को भी जाता है हिस्सा' कहकर रिश्वत मांगने वाला सिपाही सस्पेंड
वायरल वीडियों के बाद एसएसपी का एक्शन 'साहब' की भी होगी जांच
पशु पैठ ठेकेदार से 'मंथली' मांगकर धंधा बंद कराने की धमकी का आरोप
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि को साफ-सुथरा बनाए रखने के दावों के बीच खाकी को दागदार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। रतनपुरी थाने में तैनात एक सिपाही द्वारा पशु पैठ ठेकेदार से अवैध वसूली (मंथली) मांगने का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के संज्ञान में आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
3 मिनट 17 सेकंड का ऑडियो, खुली पोल
गुरुवार सुबह से ही सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर 3 मिनट 17 सेकंड की एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही थी। इस क्लिप में रतनपुरी थाने में तैनात आरक्षी (कांस्टेबल) सचिन कुमार एक पशु पैठ ठेकेदार को धमकाते हुए साफ सुना जा सकता है। सिपाही ठेकेदार से कह रहा था, पैठ चलानी है तो हर महीने देना पड़ेगा, वरना धंधा बंद करा दूंगा। साहब को भी हिस्सा जाता है। ठेकेदार द्वारा मिन्नतें करने और अपनी मजबूरी बताने के बावजूद सिपाही का लहजा बेहद सख्त और धमकी भरा था। ऑडियो के सार्वजनिक होते ही मुजफ्फरनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
जांच के दायरे में 'साहब' कौन' भी शामिल?
एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी बुढाना को सौंप दी है। इस मामले में सबसे संवेदनशील पहलू ऑडियो में सिपाही द्वारा किया गया यह दावा है कि ‘साहब को भी हिस्सा जाता है’।
सूत्रों के मुताबिक, सीओ बुढाना को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह बारीकी से जांच करें, कि सिपाही सचिन कुमार किस 'साहब' के नाम पर वसूली कर रहा था। पुलिस प्रशासन इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि यदि इस सिपाही के पीछे थाने या सर्कल स्तर का कोई अन्य बड़ा अधिकारी या कर्मचारी शामिल है, तो जांच की आंच उन तक भी पहुंचेगी और उन पर भी गाज गिरना तय है। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच में दोष सिद्ध होने पर होगी बर्खास्तगी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले की गंभीरता और पुलिस की छवि पर आंच आते देख बिना कोई वक्त गंवाए शुक्रवार को आरोपी आरक्षी सचिन कुमार को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। मुजफ्फरनगर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि मुजफ्फरनगर पुलिस में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा रुख 'जीरो टॉलरेंस' का है। वर्दी पहनकर जनता का शोषण करने वाले या अवैध वसूली करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो सिपाही को सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।


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