सहायक अभियंता की नियुक्ति जांच की मांग को लेकर छात्रों ने किया विवि में प्रदर्शन

कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी, तीन दिन का दिया समय 

मेरठ।  सीसीएसयू में बुधवार को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम मलिक और छात्र नेता अमित मलिक के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा सहायक अभियंता मनीष मिश्रा की नियुक्ति और उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की मांग रहा।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए तीन दिन के भीतर एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की। उनका कहना है कि समिति में छात्र प्रतिनिधि, कर्मचारी प्रतिनिधि, प्रोफेसर, कार्य परिषद के सदस्य और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि नियुक्ति के लिए आवश्यक अर्हताओं और प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की निष्पक्ष जांच हो सके।

गेस्ट हाउस प्रभारी पद से हटाने की मांग

ज्ञापन में छात्रों ने मांग की कि जांच पूरी होने तक मनीष मिश्रा को विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस के प्रभारी पद से तत्काल हटाया जाए। उनका आरोप है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग रखा जाना आवश्यक है।

छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में निर्माणाधीन भवनों के मानचित्र और उनकी अनुमानित लागत (एस्टीमेट) सार्वजनिक करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका कम होगी।

तीन दिन का दिया अल्टीमेटम

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि लंबे समय से विभिन्न मुद्दों पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

छात्र नेताओं ने कहा कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो छात्र विश्वविद्यालय परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई चाहिए। मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति पर विचार किया जाएगा।इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्रों की मांगों और आरोपों को लेकर प्रशासन का पक्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

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