बूंद फाउंडेशन ने चलाया पेड़ बचाओ एवं जलवायु जागरूकता अभियान
मेरठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बूंद फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया। इस अवसर पर संस्था की टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों जैसे बेगमपुल, कमिश्नरी चौराहा एवं अन्य स्थानों पर नागरिकों को पेड़ों के महत्व तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान टीम सदस्यों ने लोगों से अपील की कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पहले से मौजूद वृक्षों को बचाना भी उतना ही आवश्यक है। नागरिकों को बताया गया कि जंगलों और वृक्षों की कटाई का सीधा प्रभाव जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट, जैव विविधता के नुकसान तथा वायु प्रदूषण के रूप में सामने आ रहा है। यदि वर्तमान स्थिति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ और गंभीर हो सकती हैं।
देश में लगातार घटते वन क्षेत्रों पर भी चिंता व्यक्त की गई। विभिन्न पर्यावरणीय अध्ययनों एवं ग्लोबल फॉरेस्ट वॉच (Global Forest Watch) के आंकड़ों के अनुसार भारत ने वर्ष 2019 से 2024 के बीच लगभग 1.03 लाख हेक्टेयर प्राथमिक वन क्षेत्र खो दिया है। वहीं वर्ष 2001 से 2025 के बीच देश में लगभग 23 लाख हेक्टेयर से अधिक वृक्ष आच्छादन का नुकसान दर्ज किया गया है।
बूंद फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक रवि कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के पेड़ों की सुरक्षा करने, जल संरक्षण अपनाने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की।
अभियान के दौरान नागरिकों को "एक व्यक्ति एक पेड़" तथा "पहले पेड़ बचाओ, फिर नए पौधे लगाओ" का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प लिया और भविष्य में भी ऐसे अभियानों से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।


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