नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग की गूंज
आर्ट ऑफ लिविंग के विशेष सत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन का लिया संकल्प
मेरठ। नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (एनजीआई), एनएच-58, एसवीबीपी कृषि विश्वविद्यालय के निकट, मोदीपुरम, मेरठ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग एवं ध्यान सत्र का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को योग के महत्व से अवगत कराते हुए स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की विशेषज्ञ टीम से पधारीं सुश्री सुनीता गर्गा, श्री विनीत एवं उनकी टीम का संस्थान परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। विशेषज्ञों ने योग, प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर व्यक्ति में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं आत्मिक शांति का भी संचार करता है।
योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान अभ्यास सहित विभिन्न योग क्रियाओं में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन श्री बृजवीर सिंह ने कहा कि "योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। वर्तमान समय की भागदौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। हमें योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।"
महानिदेशक डॉ. योगेश भोमिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति में अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं कार्यक्षमता का विकास होता है तथा ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक सुश्री सोनिया अहलावत, निदेशक (विद्यापीठ) डॉ. अमित गुप्ता तथा निदेशक (फार्मेसी) डॉ. भूपेन्द्र तोमर, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन मनोज कुमार गोयल, निदेशक (इंजीनियरिंग) डॉ. विशाल कोहली
ने भी अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान एवं योग प्रतिज्ञा के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के समस्त निदेशकगण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में मीडिया को-ऑर्डिनेटर यशपाल चौधरी, डीन शंभू मिश्र, शुभम कश्यप, मुकेश त्यागी, अरुण राणा, कपिल अग्रवाल, सुश्री प्रियंका, सुश्री मधुमिता, सुश्री नेहा, सुश्री रिया, श्री दीपक एवं समस्त आयोजन टीम का विशेष सहयोग रहा। सभी ने समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाया।


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