फ्लिपकार्ट ग्रुप ने मेटा एफिलिएट पार्टनरशिप शुरू की
मेरठ। भारत के होमग्रोन ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, फ्लिपकार्ट ग्रुप ने आज फ्लिपकार्ट और मिंत्रा के माध्यम से मेटा एफिलिएट पार्टनरशिप शुरू की। इससे भारत में क्रिएटर पर आधारित कॉमर्स को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राहकों के लिए प्रोडक्ट की डिस्कवरी और शॉपिंग और अधिक आसान हो जाएगी। यह पार्टनरशिप क्रिएटर्स को फ्लिपकार्ट और मिंत्रा के प्रोडक्ट्स खोजने व टैग करने में समर्थ बनाएगी। जहाँ क्रिएटर एफिलिएट इंटीग्रेशन के माध्यम से अपनी पोस्ट और रील्स में इन प्रोडक्ट्स को टैग कर सकेंगे, तो वहीं ग्राहक एक क्लिक में उन्हें आसानी से खरीद सकेंगे। यह पार्टनरशिप पहले फेसबुक पर शुरू की गई है। लॉन्च के अगले चरण में अन्य मेटा प्लेटफॉर्म्स पर इसे इंस्टाग्राम पर शुरू किया जाएगा।
फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीएफओ रवि अय्यर ने कहा, ‘‘फ्लिपकार्ट ने दो साल पहले ही समझ लिया था कि जेन ज़ी के शॉपर भारत में रिटेल का तरीका बदल रहे हैं। वो प्रोडक्ट तलाशने के लिए सर्च बार की बजाय सोशल फीड पर जा रहे थे। प्रोडक्ट स्टोरफ्रंट की जगह क्रिएटर्स द्वारा बेचे जा रहे थे। मेटा के साथ हमारी यह साझेदारी इसी बदलाव का स्वाभाविक नतीजा है। इससे इंफ्लुएंसर्स और क्रिएटर्स को एक उद्यमी बनने का मार्ग मिलेगा और ब्रांड्स विज्ञापन की बजाय वास्तविक कंटेंट की मदद से ग्राहकों तक पहुँचेंगे।
अरुण श्रीनिवास (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं कंट्री हेड, मेटा इंडिया) ने कहा, ‘‘भारत विश्व की सबसे रोमांचक क्रिएटर अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। फ्लिपकार्ट ग्रुप के साथ हमारी यह साझेदारी इस अवसर को सभी छोटे-बड़े क्रिएटर्स तक पहुँचाने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करती है। मेटा के डिस्कवरी प्लेटफॉर्म और फ्लिपकार्ट के मार्केटप्लेस इन्फ्रास्ट्रक्चर की मदद से हम क्रिएटर्स को कमाई करने का अवसर दे रहे हैं। साथ ही, व्यवसायों को विज्ञापन की बजाय विश्वसनीय कंटेंट के माध्यम से ग्राहकों तक पहुँचने में भी मदद कर रहे हैं।
फ्लिपकार्ट ग्रुप ने ग्राहकों का यह बदलता व्यवहार दो साल पहले दर्ज किया था। तब से ही यह ग्रुप क्रिएटर इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट आधारित कॉमर्स और क्रिएटरहुड एवं एफ्लुएंसर जैसे प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर रहा है। यह पार्टनरशिप भारत में डिजिटल कॉमर्स के विकास में एक व्यापक परिवर्तन प्रदर्शित करती है। शॉपिंग सर्च पर आधारित होने की बजाय डिस्कवरी और क्रिएटर के सुझाव पर आधारित होती जा रही है। खासकर जेन ज़ी के लिए सोशल प्लेटफॉर्म्स डिस्कवरी के महत्वपूर्ण माध्यम बनते जा रहे हैं। इसलिए फ्लिपकार्ट ग्रुप कंटेंट, क्रिएटर्स, ब्रांड्स, सेलर्स और भरोसेमंद कॉमर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक साथ ला रहा है।
शॉपर्स के लिए यह अनुभव सरल होता है। वो क्रिएटर की पोस्ट या रील में प्रोडक्ट देखते हैं, प्रोडक्ट टैग पर टैप करते हैं, और फ्लिपकार्ट या मिंत्रा पर जाकर खरीददारी को पूरा करते हैं। वहीं क्रिएटर्स को प्रोडक्ट की सिफारिश करके कमाई करने का जरिया मिलता है, जो उनकी पोस्ट की मदद से हुई सेल के कमीशन के रूप में होती है। यह तरीका ब्रांड्स और सेलर्स को सांस्कृतिक रूप से उपयोगी और विश्वसनीय कंटेंट द्वारा खरीददारी करने के इच्छुक ग्राहकों के बीच पहुँचने का अवसर प्रदान करता है।
भारत में क्रिएटर अर्थव्यवस्था की तरक्की का जरिया
यह पार्टनरशिप क्रिएटर्स और ग्राहकों पर केंद्रित है। इससे युवाओं के ऑनलाईन डिस्कवर करने, आकलन करने और शॉपिंग करने के तरीके पर क्रिएटर्स का बढ़ता प्रभाव प्रदर्शित होता है। सोशल प्लेटफॉर्म खासकर जेन ज़ी ग्राहकों के लिए डिस्कवरी का मुख्य जरिया बनते जा रहे हैं। उनकी खरीददारी पर क्रिएटर्स की सिफारिश का गहरा प्रभाव होता है। इसलिए फ्लिपकार्ट मेटा एफिलिएट पार्टनरशिप को इस तरह से डिज़ाईन किया गया है, जिससे छोटे-बड़े सभी क्रिएटर्स को कॉमर्स में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्राहक वह कंटेंट देखकर शॉपिंग कर सकेंगे, जो वो देखते आए हैं।
भारत में शॉपिंग का व्यवहार तेजी से बदल रहा है। फ्लिपकार्ट और बायन एंड कंपनी की ‘हाउ इंडिया शॉप्स ऑनलाईन 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ई-रिटेल शॉपर्स में 40 से 45 प्रतिशत संख्या जेन ज़ी की है। बढ़ते हुए ई-रिटेल की शॉपिंग में आधा हिस्सा इन्हीं का है। ये शॉपर इन्फ्लुएंसर का कंटेंट देखते हैं और उसके आधार पर खरीददारी करते हैं। उनके द्वारा खरीददारी के निर्णय में सोशल कंटेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये शॉपर मेट्रो शहरों और नॉन-मेट्रो शहरों में हैं तथा फैशन से लेकर ब्यूटी, गैजेट और लाईफस्टाईल तक सभी श्रेणियों में शॉपिंग करते हैं।


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