असम विमान क्रैश में अलीगढ़ के जवान की मौत
जितेंद्र शर्मा एयरफोर्स में सार्जेंट थे, 8 दिन पहले शादी के लिए लड़की देखी थी
अलीगढ़। असम में विमान क्रैश में अलीगढ़ के जितेंद्र शर्मा की मौत हो गई। वह एयरफोर्स में सार्जेंट थे। उन्होंने 5 दिन पहले ही छुट्टी के बाद ड्यूटी जॉइन की थी। जितेंद्र ने शादी के लिए लड़की भी देखी थी।
दरअसल, शनिवार सुबह 10 बजे भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में जितेंद्र के साथ 4 और लोगों की मौत हो गई थी।
अलीगढ़ के गांव सालपुर में रहने वाले जितेंद्र शर्मा (31) 7 भाई-बहन थे। वह अपने घर में सबसे छोटे थे। अभी घर में उनकी मां राजेश्वरी देवी के अलावा 2 बड़े भाई रमाकांत और भूपेंद्र रहते हैं। जितेंद्र का भारतीय वायुसेना में 1 जनवरी, 2015 को सिलेक्शन हुआ था। करीब 11 साल तक उन्होंने राष्ट्र सेवा की।जितेंद्र के पिता करुआ शर्मा का 12 साल पहले निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद मां राजेश्वरी देवी ने सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। घरवालों ने बताया- जितेंद्र हाल ही में छुट्टी लेकर गांव आए थे। 5 जून को वह ड्यूटी पर लौटे थे। घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने शादी के लिए लड़की भी देखी थी। परिवार जल्द ही विवाह की तैयारियां शुरू करने वाला था, लेकिन इससे पहले ही हादसे में उनकी मौत हो गई।
मां से कहा था- चलूं मां, आऊंगा फिर
जितेंद्र के बड़े भाई भूपेंद्र शर्मा ने बताया- हमें दोपहर करीब 12 बजे भाई को लेकर कुछ अनहोनी का शक हुआ, जब हमने न्यूज देखी। फिर करीब 1 बजे सेना के अधिकारियों का फोन आया। तब यह बात पूरी तरह कंफर्म हो गई कि मेरा छोटा भाई जितेंद्र शहीद हो गया है।
जितेंद्र पिछले एक साल से असम के जोरहाट में तैनात था। वैसे उसे सेना में सेवा देते हुए यह 12वां साल चल रहा था। 5 जून को ड्यूटी पर जाते समय वह हमेशा की तरह बिल्कुल सामान्य था और सभी से अच्छे से मिलकर गया था। चलते वक्त उसने मां से कहा था- चलूं मां, आऊंगा फिर।
वहीं, शनिवार को जितेंद्र की शहादत की खबर जैसे ही उनके घरवालों को मिली, घर में मातम छा गया। मां राजेश्वरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़ी संख्या में गांववाले, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी उनके घर पहुंच गए। जितेंद्र शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है।


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