के. एल. स्कूल में सीखने के परिणाम और शिक्षण-विधियाँ पर कार्यशाला का आयोजन 

 मेरठ। के एल इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार को परिणाम और शिक्षण-विधियाँ पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीबीएसई की रिसोर्स पर्सन्स अलका अवस्थी व एनसीईआरटी सोनू नैय्यर ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। 

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को लर्निंग आउटकम्स, प्रभावी शिक्षण-पद्धतियों, कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन रणनीतियों तथा कम्पीटेंसी-आधारित शिक्षण क्षमता-आधारित शिक्षा की नवीन अवधारणाओं से परिचित कराना एवं उनकी व्यावसायिक दक्षता को और अधिक सशक्त बनाना था।

रिसोर्स पर्सन्स ने अपनी प्रेरणादायी एवं सहभागितापूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से आधुनिक शिक्षा प्रणाली में विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, सक्रिय अधिगम, अनुभवात्मक एवं प्रयोगात्मक शिक्षण, व्यक्तिगत अधिगम, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, प्रभावी लर्निंग आउटकम्स, मूल्यांकन की समकालीन तकनीकों तथा सामाजिक-भावनात्मक कौशल के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। विभिन्न गतिविधियों, समूह-चर्चाओं और संवादात्मक सत्रों ने कार्यशाला को अत्यंत रोचक एवं सहभागितापूर्ण बना दिया।

डिस्ट्रिक ट्रेर्निग को-ओडिनेटर सुधांशु शेखर ने दोनों रिसोर्स पर्सन्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सीबीएसई ने शिक्षकों के लिए सालाना न्यूनतम 50 घंटे का क्षमता निर्माण कार्यक्रम अनिवार्य किया है। कार्यशाला के समापन पर शिक्षकों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक, व्यावहारिक एवं उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का कक्षा शिक्षण में प्रयोग कर उसे और प्रभावशाली बनाया जा सकेगा।

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