समय से पूर्व विधानसभा चुनाव कराने की कवायद!
मेरठ। अगले साल मार्च अप्रैल में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इसकी चर्चा होने लगी है। इसको दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने भी कसरत शुरू कर दी है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए लखनऊ से दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म होना शुरू हो गया है। बता दें कि जनगणना आयोग ने निर्वाचन आयोग को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि फरवरी और मार्च के महीने में जनगणना का कार्य पीक पर होगा जिसके चलते विधानसभा चुनाव का कार्य प्रभावित होने की आशंका है और यही कारण है कि निर्धारित समय पर विधानसभा चुनाव कराना मुश्किल है। सूत्रों के अनुसार जनगणना कार्य के चलते विधानसभा चुनाव इसी साल नवंबर और दिसंबर में हो सकते हैं। इसको लेकर भाजपा भी अब एक्टिव मोड में आ गई है और उसने सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण करनी शुरू कर दी हैं। उधर सूत्रों के अनुसार सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी पार्टी के बड़े नेताओं को इशारा कर दिया है कि वह विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दें। उधर समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं के अनुसार सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट किया कि इसी साल नवंबर दिसंबर में यूपी में विधानसभा चुनाव होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
उधर फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं भी हैं और जनगणना का भी कार्य इस दौरान होगा। इन सबके चलते मार्च में विधानसभा चुनाव संभव नहीं हो पाएंगे। पता यहां तक चला है कि निर्वाचन आयोग अब चुनाव का समय तय करने को लेकर मंथन कर रहा है।


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