मेरठ का खजूरी गांव प्रदेश में  हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा

तालाब की तहत पर सजेगा सोलर प्लांट , ऊर्जा निगम को बेची जाएगी बिजली 

25 हजार रूपये प्रतिमाह ग्राम पंचायत के खाते में जाएंगे 

60 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने की मिली मंजूरी 

मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के रूप में मिले 35 लाख रूपये से लगाया जाएगा सिस्टम 

 मेरठ । मेरठ का परीक्षितगढ़ विकास खंड का खजूरी गांव जल्द ही हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नयी पहचान बनाने जा रहा है। गांव के तालाब की सतह पर  तैरता हुआ  सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। जिसकी क्षमता 60 किलोवाट की होगी। प्लांट लगाने के बाद प्रति माह ग्राम पंचायत के खाते में ऊर्जा निगम को बिजली बेचने से 25 हजार रूपये प्रतिमाह के रूप में आएंगे। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि से बनने वाला यह प्रोजेक्ट ग्रामीण विकास ,ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा प्रदेश का बनने जा रहा है। खास बात यह है कि तालाब की जल क्षमता प्रभावित किए बिना उसके ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। यहां पर जो बिजली बनाई जाएगी । उसे ऊर्जा निगम को बेचा जाएगा। जिससे ग्राम पंचायत को  प्रति वर्ष 3 लाख रूपये उसके खाते में पहुंचगे। 

खजूरी की पूर्व ग्राम प्रधान वर्तमान में प्रशासक अफसाना ने एक साल पहले ग्राम पंचायत की ऐसी भूमि में ईकों फ्रेंडली पार्क बनवाया था । जहां पहले गंदगी का ढेर लगा रहता था। इसी से खुश होकर मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के रूप में 35 लाख रूपये देकर उन्हें साम्मानित किया गया था। इस रकम को गांव के विकास में लगाना था ।अफसाना के दिमाग में सोलर प्लांट लगाने का आईडिया आया। ताकि ग्राम पंचायत आत्मनिर्भर बन  सके। उन्होंने डीएम डा. वी के सिंह को सोलर पावर प्लांट का प्रस्ताव बनाकर भेजा। जिसमे बताया कि उनके गांव में पांच बीघा का तालाब है जिसमें हर समय पानी रहता है । इसी पानी के ऊपर फ्लोटिंग वाला सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव डीएम के पास भेजा गया। इस पावर प्लांट में लगभग 35 लख रूपये का खर्च आएगा। पावर प्लांट को डीएम ने मंजूरी दे दी। जिसका टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। 

25 हजार रूपये प्रति माह कमाएगी ग्राम पंचायत 

एडीओ पंचायत डा रामनरेश  ने बताया वह 60 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाएंगे। जो प्रतिदिन 250से 300 यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। माह में लगभग साढे सात हजार से नौ हजार यूनिट का उत्पादन होगा। जिसे ऊर्जा निगम तीन रूपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगा।  माह में लगभग 25 हजार रूपये ग्राम पंचायत के खाते में जाएगा। इसे बनाने का उददेश्य ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाना है। 

फ्लोटिंग वाला सोलर प्लांट लगाने वाला प्रदेश का बनेगा पहला गांव 

 जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि खजूरी गांव के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का प्रतिकात्म चित्र तैयार कर लिया गया है। तालाब के चारो तरफ लाईट लगाई जाएगी। जो सोलर प्लांट पैनल से ही जलेगी। यह स्थान ग्रामीणों के घुमने के लिए बेहतर स्थान होगा। उन्होंने बताया यह प्रदेश का ऐसा तालाब होगा । जिसमें ताबाल के पानी के ऊपर सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। 

मेगावाट में बनाया जाएगा सोलर पावर प्लांट 

 सीडीओ नुपूर गोयल ने बताया के खजूरी ग्राम पंचायत के खाते में 35 लाख रूपये ही है। बाकी पैसा ग्राम विकास में खर्च किया गया। इसलिए इतनी रकम में 60 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगा सकता है। ग्राम पंचायत की आमदनी होगी तो भविष्य इसे मेगावाट तक भी ले जाएंगे और आसपास के गांवो की बिजली सप्लाई करेंगे। 




 ग्राम प्रधान की अनूठी पहल 

 डीएम डा. वी के सिंह का कहना है कि खजूरी गांव की प्रधान की यह अनूठी एवं अच्छी  पहल है। उसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। प्रतिकातम्क फोटो मैने देखा है। यह बनने के बाद गांव सुंदर तो दिखेगा ही साथ ही ग्राम पंचायत की आमदनी  भी बढ़ेगी । जल्दी ही यहां पर कार्य शुरू किया जाएगा। 





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