शहर में खुला खुला सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी का 'कारीगरी'
हर डिश के पीछे होगी एक कहानी, शेफ बोले- सिर्फ स्वाद नहीं, यादें परोसेंगे
मेरठ। सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी के फाइन डाइनिंग ब्रांड 'कारीगरी' ने अपना पहला और देश का 13वां आउटलेट शुरू किया। रेस्टोरेंट का उद्घाटन 'राज तिलक उत्सव' थीम के साथ किया गया। रेस्टोरेंट को भारत के कारीगरों, खिलाड़ियों, कलाकारों और रचनाकारों को समर्पित किया गया है।
उद्घाटन के मौके पर शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि कारीगरी केवल खाने की जगह नहीं, बल्कि कहानियों का सफर है। यहां हर डिश के पीछे एक कहानी है, जिसे मेहमानों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि बचपन में पंजाब के ढाबों पर खाई गई दाल से प्रेरित होकर यहां दाल की कई विशेष वैरायटी तैयार की गई हैं। मेन्यू में दाल सोया चाप, दाल पनीर भुर्जी, दाल अंडा भुर्जी तड़का, दाल मेथी पालक समेत कई प्रयोगात्मक व्यंजन शामिल हैं।
बताया कि रेस्टोरेंट में बटर चिकन के लाल, सफेद और हरे तीन अलग-अलग स्वरूप परोसे जाएंगे। वहीं शाकाहारी ग्राहकों के लिए नॉनवेज से भी बड़ा मेन्यू तैयार किया गया है। राजमा गलौटी कबाब, पनीर मार्घेरिटा टिक्का और कई तरह के कबाब व ब्रेड्स इसकी खासियत होंगे।
शेफ सोखी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल स्वादिष्ट भोजन परोसना नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव देना है जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें। इसके लिए स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे मेहमानों को हर डिश की कहानी भी बता सकें।
कारीगरी रेस्टोरेंट के उद्घाटन पर शेफ हरपाल सिंह ने मेरठ से अपने पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि करीब 13 साल पहले वह शहर में एक लेडीज क्लब के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और अब 13 साल बाद करिगरी के 13वें आउटलेट के उद्घाटन के लिए मेरठ पहुंचे हैं। उन्होंने इसे अपने लिए एक अच्छा संयोग बताया। करिगरी ब्रांड के देशभर में 13 आउटलेट होने की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अपने चर्चित डायलॉग नमक शमक, नमक शमक डाल देते हैं और जुबान दी होगी...बल्ले-बल्ले भी सुनाए, जिन्हें सुनकर दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये डायलॉग आज उनकी पहचान का हिस्सा बन चुके हैं। लोग उन्हें "नमक शमक वाले सरदार जी" और "नमक शमक वाले शेफ" के नाम से जानते हैं, जो उनके लिए बेहद सुखद अनुभव है।
हरपाल सिंह सोखी ने बताया कि कारीगरी रेस्टोरेंट का इंटीरियर भी खास सोच के साथ तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट की हर दीवार, हर सजावट और हर डिजाइन अपने भीतर एक कहानी समेटे हुए है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश इन कहानियों को ग्राहकों तक पहुंचाने की है, ताकि लोग केवल भोजन का स्वाद ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और संस्कृति को भी महसूस कर सकें।
उन्होंने कहा कि कारीगरी सिर्फ खाने की जगह नहीं है, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जहां यादें बनती हैं। यहां आने वाले लोग सिर्फ भोजन करने नहीं आएंगे, बल्कि अपने परिवार और दोस्तों के साथ खूबसूरत पल भी बिताएंगे। इसी सोच के साथ रेस्टोरेंट को तैयार किया गया है।
हरपाल सिंह सोखी ने बताया कि कारीगरी में इस्तेमाल होने वाली प्लेटों की डिजाइन भी विशेष महत्व रखती है। प्लेटों पर बने विभिन्न डिजाइन उनकी मां की जीवन यात्रा और संघर्षों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि हर डिजाइन एक कहानी कहता है और मां के जीवन के अलग-अलग पड़ावों को दर्शाता है। उनका उद्देश्य केवल भोजन परोसना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, भावनाओं और पारिवारिक मूल्यों को भी ग्राहकों तक पहुंचाना है।
शेफ सोखी ने कहा कि वे शहर के प्रसिद्ध स्थानीय स्वादों को भी जानने और समझने की कोशिश करेंगे। उन्होंने मेरठ के मशहूर मटर कुल्चे, गजक और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय स्वादों से सीखकर उन्हें नए अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। कारीगरी के संस्थापक एवं सीईओ योगेश शर्मा ने कहा कि मेरठ की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए यहां केवल भोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, कला और आतिथ्य का संगम पेश किया जाएगा।


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