पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के आवास पर जांच एजेंसियों की छापेमारी
मीट कारोबारी के घर जांच, पूर्व सांसद ने नकारा
मेरठ। शनिवार को मेरठ में पूर्व सांसद और मीट कारोबारी शाहिद अखलाक के आवास तथा फैक्ट्री पर केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी से दिनभर चर्चाएं गर्म रहीं। जांच टीमों ने कई घंटों तक दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की। हालांकि, किसी भी एजेंसी ने कार्रवाई के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों की टीम सुबह से ही दोनों स्थानों पर मौजूद रही। जांच के दौरान कई दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और रिकॉर्ड खंगाले गए। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से संबंधित अभिलेखों के साथ-साथ डिजिटल उपकरणों और कंप्यूटर डेटा की भी पड़ताल की।
कार्रवाई की सूचना फैलते ही गुड्डी बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुट गई। दिनभर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। किसी भी एजेंसी के अधिकारी ने मौके पर मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, जिसके कारण कार्रवाई के कारणों और जांच की प्रकृति को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जाती रहीं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में राजनीतिक और कारोबारी वर्ग की नजरें केंद्रीय एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जांच किसी नए मामले से संबंधित है या पूर्व में दर्ज किसी प्रकरण के सत्यापन की प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
किसी प्रकार का विवाद या आपत्ति की स्थिति नहीं बनी
कंपनी के निदेशक आफताब द्वारा डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में 89 लाख रुपये जमा कराकर स्टे प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए और पूरा सहयोग किया गया। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी वापस लौट गए तथा किसी प्रकार का विवाद या आपत्ति की स्थिति नहीं बनी।
पड़ोसी के घर पहुंची बैंक की टीम
पूर्व सांसद शाहिद अखलाक ने कार्रवाई को लेकर कहा- यह कोई छापेमारी नहीं थी। उनके अनुसार "एलगाइजिम" नामक कंपनी के ऋण विवाद से जुड़े मामले में दस्तावेजों के सत्यापन के लिए टीम आई थी। कंपनी के निदेशक आफताब द्वारा डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में 89 लाख रुपये जमा कराकर स्टे प्राप्त किया गया है।उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए और पूरा सहयोग किया गया। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी वापस लौट गए तथा किसी प्रकार का विवाद या आपत्ति की स्थिति नहीं बनी।
छापेमारी मानने से किया इनकार
पूर्व सांसद शाहिद अखलाक ने इसे छापेमारी मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह कोई छापेमारी नहीं थी, बल्कि "एलगाइजिम" नामक कंपनी के ऋण विवाद से जुड़े मामले में दस्तावेजों के सत्यापन के लिए टीम उनके पड़ोसी के घर पहुंची थी।


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