"मेरठ कॉलेज में 12 दिवसीय इग्नू बी.एड. कार्यशाला का भव्य समापन
देशभर के शिक्षकों ने प्रस्तुत की ‘लघु भारत’ की झलक"
शिक्षा है राष्ट्रीय एकता एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन का सशक्त माध्यम: प्रो चन्द्रशेखर भारद्वाज
मेरठ। इग्नू बी.एड. प्रथम वर्ष की 12 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ दिनांक 22 मई 2026 को मेरठ कॉलेज के बी.एड. विभाग के सेमिनार हॉल में हुआ था। कार्यशाला का उद्घाटन इग्नू अध्यापन केंद्र के समन्वयक प्रो चन्द्रशेखर भारद्वाज द्वारा किया गया। कार्यशाला प्रभारी प्रो मीनाक्षी शर्मा ने कार्यशाला की विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावहारिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए छात्राध्यापकों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
आज दिनांक 03 जून 2026 को कार्यशाला का समापन एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला में जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक विभिन्न राज्यों के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। 12 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए निर्धारित पाठ्यक्रम एवं गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं इग्नू अध्ययन केंद्र समन्वयक प्रो चन्द्रशेखर भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि, “इन बारह दिनों के दौरान मेरठ कॉलेज परिसर में भारत की सांस्कृतिक एवं शैक्षिक विविधता का सुंदर संगम देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने यहां ‘लघु भारत’ की अद्भुत झलक प्रस्तुत की है। शिक्षा केवल ज्ञान का हस्तांतरण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। मुझे विश्वास है कि यहां अर्जित अनुभव और कौशल शिक्षकों के माध्यम से देश के दूरस्थ विद्यालयों तक पहुंचेंगे तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”
विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर दयानंद द्विवेदी ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे कार्यशाला से प्राप्त व्यवहारिक ज्ञान, शिक्षण कौशल तथा नवाचारों को अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचाएं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि हो और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न प्राध्यापकों द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। छात्राध्यापकों ने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त शिक्षण विधियों, तकनीकों एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के अनुभवों से वे अपनी शिक्षण प्रक्रिया को अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं रुचिकर बना सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में कार्यशाला प्रभारी प्रो मीनाक्षी शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का सतत् अधिगम ही विद्यार्थियों और समाज के विकास का आधार है।
समापन समारोह में प्रो लव लता, प्रो शालिनी त्यागी, प्रो संजय कुमार, प्रो विनीता, श्री सुधीर पुंडीर सहित अनेक प्राध्यापक एवं छात्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी ने कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ज्ञान, अनुभव एवं राष्ट्रीय एकता का उत्कृष्ट मंच बताया।


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