सीसीएसयू  में 10 जून तक आयोजित होगा दीक्षोत्सव

पहली बार होगा मां-बेटी सम्मेलन, छात्राओं की होगी स्वास्थ्य जांच

मेरठ । सीसीएसयू में दीक्षांत समारोह से पहले 10 जून तक दीक्षोत्सव-2026 का आयोजन आरंभ हो गये है।  प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न आयोजन होंगे। विश्वविद्यालय ने इसके लिए करीब 20 सदस्यों की टीम गठित की है।

 मीडिया को जानकारी देते हुए कार्यक्रम की समन्वयक प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने बताया कि दीक्षोत्सव के तहत 3 जून को "विकसित भारत-विश्वगुरु" विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। वहीं "नशामुक्त भारत" विषय पर निबंध लेखन, देशभक्ति गीत, काव्य लेखन, काव्य गायन और "मेरा देश" विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। ऑनलाइन सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का विषय "उत्तर प्रदेश की संस्कृति" रखा गया है।

इस वर्ष पहली बार फाइन आर्ट्स विभाग की ओर से "संस्थापन कला" (इंस्टॉलेशन आर्ट) प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। "नारी शक्ति वंदन" विषय पर 3-डी कला के माध्यम से सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अनुसार यह आयोजन पहली बार किया जा रहा है और इसे दीक्षोत्सव का विशेष आकर्षण माना जा रहा है।

8 जून को भारतीय लोकनृत्य थीम पर लोकनृत्य प्रतियोगिता होगी, जबकि 9 जून को "नारी शक्ति वंदन" विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा रंगोली प्रतियोगिता और केंद्र व राज्य सरकार की दो प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

पहली बार होगा मां-बेटी सम्मेलन

दीक्षोत्सव में इस बार महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत पहली बार "मां-बेटी सम्मेलन" आयोजित होगा। विश्वविद्यालय की छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद छात्राओं की माताओं को विश्वविद्यालय बुलाया जाएगा।

चिकित्सकों की मौजूदगी में उन्हें रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी। यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सकों के सहयोग से पूरी की जाएगी।

एक छात्र नहीं जीत सकेगा दो प्रतियोगिताएं

आयोजकों के अनुसार प्रतिभाओं को अधिक अवसर देने के लिए व्यवस्था की गई है कि कोई भी छात्र दो अलग-अलग प्रतियोगिताओं में विजेता घोषित नहीं किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित होने का अवसर मिलेगा।

दूसरे चरण में स्कूलों की होगी भागीदारी

दीक्षोत्सव के दूसरे चरण में बेसिक शिक्षा विभाग (बीएसए) के सहयोग से चयनित स्कूलों को शामिल किया जाएगा। पिछले वर्ष 16 स्कूलों ने भाग लिया था। इस बार भी विभिन्न विद्यालयों के छात्रों को प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दीक्षोत्सव का उद्देश्य केवल दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं, बल्कि उसे उत्सव के रूप में मनाना हैं।

इस अवसर पर साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, डॉक्टर अलका तिवारी, डॉक्टर योगेंद्र गौतम, डॉक्टर आशीष कौशिक, डॉक्टर अपेक्षा चौधरी, डॉक्टर मुनेश कुमार, डॉक्टर डीएन भट्ट, इंजीनियर प्रवीण पवार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, दीपक त्यागी आदि मौजूद रहे।

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