मेरठ के दीपांकर सक्सैना 'OKTA Identity 25' सूची में शामिल, वैश्विक मंच पर बढ़ाया देश का मान
आईटी व साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विश्व के 25 शीर्ष विशेषज्ञों में एकमात्र भारतीय
मेरठ। शहर के लिए गर्व की बात है कि मेरठ के मूल निवासी दीपांकर सक्सैना को आईटी एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2026 की प्रतिष्ठित "OKTA Identity 25" सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में विश्व के शीर्ष 25 आईटी लीडर्स एवं विशेषज्ञों को स्थान दिया जाता है, जिन्होंने डिजिटल पहचान और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय वैश्विक योगदान दिया हो। यह सूची न्यूयॉर्क (अमेरिका) में टाइम्स स्क्वायर पर जारी की गई एवं इन ग्लोबल आईटी लीडर्स के सम्मान में सूची में शामिल सभी विशेषज्ञों का वीडियो टाइम्स स्क्वायर पर प्रदर्शित किया गया।
दीपांकर सक्सैना वर्तमान में SOCURE Inc. में जी.एम. एवं हेड ऑफ प्रोडक्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि की विशेषता यह है कि इस वर्ष वह इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं। मेरठ से संबंध रखने वाले दीपांकर की इस उपलब्धि से शहर व देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। उनकी सफलता से युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलेगी। स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों एवं सामाजिक संगठनों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान मेरठ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
दीपांकर के पिता डॉ. अमरीश सक्सैना एक चार्टर्ड इंजीनियर एवं अप्रूव्ड वेल्यूअर हैं, जो कि उ. प्र. आवास विकास परिषद से अधिशासी अभियंता पद से सेवानिवृत्त है और माता डॉ० साधना सक्सैना शिक्षण कार्य से जुड़ी रही हैं। इस उपलब्धि पर उनके पिता डॉ. अमरीश सक्सेना ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "यह हमारे परिवार और मेरठ शहर के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। दीपांकर की यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। हमें विश्वास है कि वे आगे भी देश का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहेंगे।"
इसी वर्ष मिला है यू. एस. पेटेंट भी
साइबर सुरक्षा और डिजिटल प्रमाणीकरण के क्षेत्र में डीपफेक और ए. आई. आधारित धोखाधड़ी हमलों को रोकने के लिए दीपांकर सक्सैना द्वारा विकसित तकनीक को संयुक्त राज्य अमेरिका में यू. एस. पेटेंट भी प्रदान किया गया है। उनके द्वारा विकसित तकनीक मोबाइल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को और अधिक सुरक्षित बनाती है, जिसमें नकली या डिजिटल रूप से डाले गए चित्रों की पहचान वाइब्रेशन और एक्सेलेरोमीटर विश्लेषण के माध्यम से हो जाती है।
डीएमए प्रथम के छात्र रहे हैं दीपांकर
दीपांकर सक्सैना की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा डीएमए प्रथम मोदीपुरम में हुई है, उन्होंने वर्ष 2009 में हाई स्कूल, वर्ष 2011 में इंटरमीडिएट किया। स्नातक स्तर पर उन्होंने वर्ष 2015 में वी०आई०टी० यूनिवर्सिटी वेल्लौर से सूचना प्रौद्योगिकी में बी० टेक० की डिग्री हासिल की।


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