मेरठ को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी; यह सावधानी बरतना जरूरी

तापमान  44 डिग्री तक पहुंचा ,मेरठ में 27 मई तक भीषण गर्मी का रेड अलर्ट

हाइड्रेटेड रहने और हल्के कपड़े पहनने के सुझाव

मेरठ। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गुरूवार को तापमान 44 डिग्री तक जा पहुंचा। सड़कों पर वीरानी छाई हुई है। वही मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि प्रौद्योगिकी एवं विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के विज्ञानी डा. यूपी शाही ने बताया कि आगामी 27 मई तक मौसम के मिजाज में किसी भी तरह के सुधार या राहत की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में यह हीट वेव और खतरनाक रूप ले सकती है।

डा. यूपी शाही ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है। वहीं, रातें भी बेहद गर्म रिकार्ड की जा रही हैं, जहां न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन के समय चल रही हल्की गर्म हवाएं अब धीरे-धीरे और तेज होने लगी हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में इन गर्म थपेड़ों (लू) की रफ्तार और बढ़ेगी। जिससे दोपहर के समय सड़कों पर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि मानसून की स्पीड सही रही तो मानसून 27 जून तक पश्विम उत्तर प्रदेश में आ सकता है। आने वाली 27 मई तक तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। बता दें कि गुरुवार को भी सीजन का सबसे अधिक गर्म दिन रहा। वही, शुक्रवार की रात भी सबसे गर्म रहने की उम्मीद है। 

प्रशासन मुस्तैद, जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकलें : डीएम

रेड अलर्ट जारी होने के बाद डीएम डा. वीके सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डीएम ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक होती है। इस दौरान बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग विशेष रूप से घरों में रहें। यदि बाहर निकलना अत्यंत आवश्यक हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढककर निकलें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। हर आधे घंटे में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।

क्या होता है रेड अलर्ट

गर्मी का रेड अलर्ट सबसे गंभीर स्तर की मौसम चेतावनी होती है, जो यह दर्शाती है कि अत्यधिक खतरनाक और जानलेवा लू चलने की आशंका है। इस स्थिति में सभी आयु वर्ग के लोगों को हीटस्ट्रोक लगने का अधिक जोखिम होता है, इसलिए घरों में सुरक्षित रहना और जरूरी सावधानियां बरतना अनिवार्य होता है।

वरिष्ठ फिजिशियन डा. अरविंद कुमार की राय

बिना प्यास के ही हर आधे घंटे में पानी पीते रहे।

हाई बीपी (ब्लड प्रेशर), दिल और किडनी के मरीज धूप में न निकले।

यदि बच्चा सुस्त दिखे या पेशाब कम करे, तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।

घर को ठंडा रखे। खिड़की को पर्दे से बंद रखे।

यह उत्पाद गर्मी में खूब खाए

वरिष्ठ फिजिशियन डा. अरविंद कुमार ने बताया कि ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी खूब पीए। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, लोकी, तोरई आदि खाए। मूंग दाल खिचड़ी, जौ या चने का सत्तू, दही और चावल ले सकते हैं।

यह उत्पाद बिलकुल न खाए

चाय, काफी और शराब का सेवन कतई न करें। इनमें कैफीन और अल्कोहल शरीर से पानी को तेजी से बाहर निकालते हैं और डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं। तला-भुना और मसालेदार खाना जैसे समोसे, पकोड़े, भारी नानवेज और ज्यादा तेल-मसाले वाला भोजन न करें। बासी भोजन न करें।

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