जिला कारागार में मिलाई के दौरान बंदियों के परिजन भिड़े
बामुश्किल स्थिति को संभाला गया, असलम हत्याकांड के आरोपी व पीड़ित पक्ष में हुई भिड़ंत
मेरठ। चौ. चरण जिला कारागार में मिलाई करने पहुंचे बंदियों के परिजन आपस में भिड़ गए। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। मौजूद जेल सुरक्षा कर्मियों ने दोनों पक्षों को संभाला और चेतावनी देकर बाहर निकाल दिया। सूचना मिलते ही मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे।
असलम पक्ष के भी दो लोग जेल में काफी पुराने समय से बंद चले आ रहे हैं। बुधवार को इन दोनों ही पक्ष के लोगों में मिलाई के दौरान पहले नोकझोंक और फिर हाथापाई हो गई।
ईद से पहले पहुंचे थे मिलाई करने
ईद के चलते बुधवार को दोनों ही पक्ष के लोग जिला जेल में अपने-अपने लोगों से मिलाई करने के लिए पहुंचे थे। कतार में लगने के दौरान ही दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई थी। इसके बाद छींटाकशी शुरू हो गई।उस वक्त तो सुरक्षा कर्मियों ने फटकार कर दोनों पक्षों को शांत कर दिया लेकिन अंदर जैसे ही मिलाई के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आए उनमें फिर बहस शुरू हो गई।
मारपीट होते ही मचा हड़कंप
जेल के अंदर मिलाई सार्वजनिक रूप से और सामूहिक तौर पर कराई जाती है। जिस वक्त असलम के आरोपी अपने परिवार से मिल रहे थे, उस वक्त असलम पक्ष के भी दो लोग वहां बंद थे। एक दूसरे को देखते ही उन्होंने कटाक्ष करने शुरू कर दिये।इसके चलते दोनों पक्षों में हाथपाई हो गई। जेल सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। जेल के अफसर भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बिना मिलाई कराये दोनों पक्षों को वहां से भेज दिया गया।
जेल अफसर बोले- मामूली कहासुनी हुई
जेलर अवनीश सिंह ने बताया कि कुछ बंदी जेल में हैं। उन्हीं के परिवारजन मिलाई के लिए आए थे जिनमें मामूली कहासुनी हो गई।मारपीट जैसा कुछ नहीं हुआ है। जेल सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को बारी बारी वहां से चेतावनी देकर बाहर निकाल दिया। एक पक्ष फरवरी में यहां आया था जबकि दूसरे पक्ष के कुछ लोग पहले से यहां जेल में बंद हैं।


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