झूठे अपहरण कांड से उठा पर्दा  मुस्लिम युवकों को फंसाने की साजिश बेनकाब

मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र में कथित अपहरण और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने दावा किया है कि दो मुस्लिम युवकों को गंभीर आरोपों में फंसाने के लिए पूरी घटना की सुनियोजित साजिश रची गई थी। जांच में सामने आया कि अपहरण और अभद्रता की कहानी पूरी तरह से झूठी थी और इसके पीछे कुछ लोगों की साजिश काम कर रही थी।

मामला मेडिकल थाना क्षेत्र के रिंग रोड इलाके का है। शनिवार को नकुल गुर्जर नामक युवक ने पुलिस को सूचना दी थी कि दो मुस्लिम युवक जीशान और शावेज एक हिंदू युवती का अपहरण कर कार में ले जा रहे हैं और उसके साथ अभद्रता कर रहे हैं। नकुल ने यह भी दावा किया था कि उसने मौके पर पहुंचकर युवती को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया है और दोनों युवकों को पकड़ लिया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को मेडिकल परीक्षण व उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। वहीं जीशान और शावेज को उनकी कार सहित हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच शुरू की। अस्पताल में युवती के बयान दर्ज किए गए और घटनास्थल सहित आसपास के क्षेत्र में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी।

पुलिस के अनुसार युवती ने अपने बयान में बताया कि नकुल एक हिंदूवादी संगठन से जुड़ा हुआ है और उसने उसे नौकरी दिलाने तथा आर्थिक मदद का आश्वासन देकर अपनी योजना का हिस्सा बनाया था। युवती ने बताया कि पूर्व नियोजित योजना के तहत उसे जीशान और शावेज की कार में बैठाया गया था, ताकि बाद में उन पर अपहरण और छेड़छाड़ का आरोप लगाया जा सके।

क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन शुचिता सिंह ने बताया कि युवती के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दोनों मुस्लिम युवकों की इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने का प्रयास किया गया था।

पुलिस ने नकुल गुर्जर और उसके सहयोगी अंकित सैनी के खिलाफ साजिश रचने, झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों की पुष्टि होने से पहले अफवाहों पर विश्वास न करें।

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