सुस्ती से बचाएगा हल्का-फुल्का नाश्ता
बहुत से लोगों को नाश्ता करने के बाद शरीर में भारीपन महसूस होता है, आलस छाने लगता है, थकान महसूस होती है, काम करने के लिए बैठो तो काम में मन नहीं लगता। यह एक आम समस्या है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है कि नाश्ते में आप क्या लेते हैं, आपका खानपान कैसा है और लाइफस्टाइल कैसा है।
ज्यादा कार्बोहाइड्रेट व वसायुक्त खाना
सुबह के नाश्ते के बाद नींद या सुस्ती आना इसे फूड कोमा भी कहा जाता है। तमाम दूसरी वजहों के अलावा एक सबसे बड़ी समस्या होती है, नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट या वसायुक्त खाना खाया जाए। खाना बहुत कम मात्रा में न खाकर ज्यादा खाने से भी यह समस्या होती है। क्योंकि अत्यधिक कैलोरी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट या वसायुक्त नाश्ता शरीर को सुस्त बनाता है। ऐसे भारी नाश्ते को पचाने के लिए हमारे ब्लड सर्कुलेशन को उस भोजन को पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मस्तिष्क को कम ऊर्जा मिलती है और हैवी भोजन से हमारे शरीर में शिथिलता आने लगती है।
अपर्याप्त नींद
जो लोग सुबह 4 या 5 बजे सोकर जगते हैं, उन्हें भी इस समस्या का ज्यादा सामना करना पड़ता है। क्योंकि हमारे शरीर को स्वस्थ रहने के लिए 6 और 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है और अगर हमारी नींद पूरी न हो तो नाश्ता करने के बाद शरीर में सुस्ती आने लगती है।
भोजन में पोषक तत्वों की कमी
जो भोजन हम खाते हैं, उनमें अगर विटामिन डी, बी, बी12 या आयरन की कमी होती है तो इससे भी नाश्ता करने के बाद नींद आने लगती है। इन तमाम वजहों के अलावा अधिक कैलोरीज और वसायुक्त नाश्ता हमारे शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है और यह शुगर लेवल कम हो जाता है, तो शरीर में सुस्ती आने लगती है।
सही फूड न चुनना
सुबह के समय परांठा, सफेद ब्रेड, तली हुई चीजें, खाने से रक्त में शुगर लेवल बढ़ जाता है। अगर ज्यादा खा लिया जाए तो भोजन को पचाने में शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए बड़ी वजह नाश्ते में फाइबर से भरपूर चीजों का कम सेवन करना, एक्सरसाइज न करना, फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहना, फास्ट फूड और ज्यादा नमक, मसाले और मैदे से बनी ज्यादा चीजें खाना और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से नींद आती है।
ब्रेकफास्ट में बदलाव हैं लाभकारी
- सुबह 7 बजे फल और भीगे हुए मेवे खाने के बाद 10 बजे संतुलित नाश्ता करें।
- नाश्ते में दही का सेवन करने से नींद आती है और शरीर में भारीपन या आलस महसूस होता है। इसलिए नाश्ते की बजाय दही दोपहर के भोजन में लें।
- सुबह के समय मौसम के अनुसार फलों का चयन करें।
- हल्का और पोषक नाश्ता जैसे ओट्स या मल्टीग्रेन रोटी, उबले अंडे, अंकुरित अनाज, फल और सलाद आदि लें।
- रात के समय हल्का खाएं और खाने के बाद भोजन पचाने के लिए हल्की सैर करें ताकि सुबह के समय फ्रेश हो सकें।
- सुबह के समय नाश्ते में ज्यादा मीठा या तला-भुना खाना न खाएं व नाश्ता हल्का रखें। अगर नाश्ता करना भारी लगता है तो सुबह के समय दो बार थोड़ा-थोड़ा कुछ खाएं। नाश्ते में ज्यादा प्रोटीन और ज्यादा कार्बोहाइड्रेटयुक्त फूड लेने से भी नींद आती है।
अनुकूल दिनचर्या
वहीं नाश्ते के बाद 5 या 10 मिनट टहलना चाहिए। सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीएं। चाय और कॉफी नाश्ते के 15-20 मिनट बाद लें। अगर नाश्ते के बाद नींद की समस्या ज्यादा महसूस होती है तो डॉक्टर से मिलें। खास बात यह कि रात के समय पूरी नींद लें जिससे आप दिन के समय एक्टिव रहें।


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