सर छोटू राम संस्थान के कृषि अभियंत्रिकी विभाग ने तैयार किया 'शुगर-फ्री सहजन बिस्कुट'

मेरठ।  सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजीके कृषि अभियंत्रिकी विभाग ने स्वास्थ्य और स्वाद का अनूठा संगम पेश किया है। विभाग के छात्रों ने कड़ी मेहनत और शोध के बाद 'मोरिंगा (सहजन) शुगर-फ्री बिस्कुट' तैयार किया है, जो आने वाले समय में मधुमेह और एनीमिया जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

इस नवाचार को छात्र शिवांश मिश्रा और उनकी टीम ने तैयार किया है। टीम ने लंबे समय तक सहजन के गुणों और बिस्कुट की शेल्फ-लाइफ पर शोध किया। इस पूरे प्रोजेक्ट को कृषि अभियंत्रिकी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. क्षितिज कुमार के दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में पूरा किया गया। विभागाध्यक्ष (HOD) का भी इस शोध कार्य में विशेष सहयोग रहा।

स्वास्थ्य के लिए 'सुपरफूड' है यह बिस्कुट

टीम के सदस्यों ने बताया कि मोरिंगा या सहजन को दुनिया भर में 'सुपरफूड' माना जाता है। इस बिस्कुट की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

शुगर-फ्री: यह बिस्कुट पूरी तरह से चीनी मुक्त है, जिससे मधुमेह (Diabetes) के रोगी इसे बिना किसी चिंता के खा सकते हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर: इसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन-A और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा है।

एनीमिया में लाभकारी: आयरन की अधिकता के कारण यह शरीर में खून की कमी को दूर करने में सहायक है।

प्राकृतिक स्वाद: इसमें किसी भी प्रकार के कृत्रिम रंगों या हानिकारक प्रिजर्वेटिव्स का प्रयोग नहीं किया गया है।

सफलतापूर्वक संपन्न हुआ 'सेंसरी इवैल्यूएशन'

आज दिनांक 7 मई, 2026 को विभाग में इस बिस्कुट का सेंसरी इवैल्यूएशन (संवेदी मूल्यांकन) किया गया। विशेषज्ञों और परीक्षकों ने इसके स्वाद, सुगंध, बनावट और कुरकुरेपन की जांच की, जिसमें यह बिस्कुट पूरी तरह सफल रहा।

जल्द होगा मार्केट में लॉन्च

संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि टेस्टिंग की प्रक्रिया सफल होने के बाद अब इसे बड़े स्तर पर उत्पादन की तैयारी है। बहुत जल्द इस 'मोरिंगा शुगर-फ्री बिस्कुट' को आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग स्वस्थ खान-पान का विकल्प चुन सकें।

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