मेरठ नगर निगम के नए दफ्तर को हाईकोर्ट से नोटिस

बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण का आरोप, अब 16 जुलाई को अगली सुनवाई

मेरठ।नयी सड़क स्थित नगर निगम का नया कार्यालय तैयार हो रहा है, जिसमें शिफ्ट होने से पहले ही लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शास्त्रीनगर स्थित निर्माणाधीन कार्यालय के संबंध में नगर निगम को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी।

यह मामला जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट पहुंचा है। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना का आरोप है कि शास्त्री नगर स्थित आवासीय भूमि पर बिना वैधानिक मानचित्र स्वीकृति के नगर निगम अपना नया कार्यालय बना रहा है। याचिका में कहा गया है कि यह भूमि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की खसरा संख्या 6041 में दर्ज आवासीय श्रेणी की है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिस क्षेत्र में अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया था, नगर निगम का निर्माणाधीन कार्यालय उसी विवादित क्षेत्र के दायरे में आता है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी भूमि पर 120 दुकानों वाला अर्बन प्लाजा नामक व्यावसायिक परिसर भी विकसित किया जा रहा है।

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए याचिका स्वीकार कर ली और नगर निगम से जवाब तलब किया। अदालत ने संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।याचिका में नगर निगम पर आवासीय भूमि का व्यावसायिक उपयोग करने, निर्माण नियमों की अनदेखी करने और आवश्यक स्वीकृतियों के बिना निर्माण कार्य कराने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने थाना नौचंदी पुलिस को निर्माण रोकने के लिए पत्र भी भेजा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

वहीं नगर निगम प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि नए नगर निगम कार्यालय को लेकर कोई विवाद नहीं है। शासन स्तर पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है और मानचित्र भी शासन से स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि आवास विकास परिषद का इस मामले से कोई संबंध नहीं है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट सर्वोपरि है और न्यायालय के सभी आदेशों का पालन किया जाएगा।

बिजली विभाग में कनेक्शन देने से कतरा रहा 

  मामला हाईकोर्ट में होने के कारण पीवीवीएनएल भी नयी सड़क पर नगर निगम के बन रहे नये कार्यालय में बिजली कनेक्शन देने से पूर्व हाइकोर्ट के आदेश का संज्ञान ले रहा है। अभी तक जो भी कार्य किया जा रहा है । वह जनरेटर के आधार कराए जा रहे है। 

No comments:

Post a Comment

Popular Posts