लापता  नेशनल कबड्‌डी खिलाड़ी की हत्या

फॉस्टफूड संचालक ने 3600 रुपए के लेकर दिया घटना को अंजाम 

 शव को पुलिस चौकी से 50 मीटर दूर फेंका

 मेरठ। थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र में    फास्टफूड संचालक ने 3600 रुपए के लिए नेशनल कबड्डी महिला खिलाड़ी की हत्या कर दी। यह वारदात पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई। इसके बाद आरोपी ने शव को चौकी से करीब 50 मीटर दूर स्थित नाले में फेंक दिया। पुलिस करीब डेढ़ महीने तक मामले की जांच में जुटी रही।

पुलिस के मुताबिक, 16 अप्रैल से खिलाड़ी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 28 अप्रैल को परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस ने कॉल डिटेल्स के आधार पर एक संदिग्ध को चिन्हित किया, जिससे खिलाड़ी की आखिरी बार बात हुई थी। उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर 2 बार पूछताछ भी की, लेकिन वह कोई जानकारी नहीं दे सका। शनिवार को कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रविवार को मामले की एडीजी भानु भास्कर और SSP अविनाश पांडेय ने खुलासा किया।

दौराला थाना क्षेत्र के चिरोड़ी गांव निवासी अनुष्का (17) नेशनल कबड्डी खिलाड़ी थी। गांव में रहकर प्रैक्टिस करने में दिक्कत होने के कारण वह मेरठ आ गई थी। इसके बाद वह कंकरखेड़ा क्षेत्र के शोभापुर में पिछले करीब दो वर्षों से अपने भाई अनमोल के साथ किराए के कमरे में रह रही थी। वह पढ़ाई के साथ-साथ कबड्डी का अभ्यास भी करती थी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी।उसके घर के पास ही आरोपी श्याम धानक की फास्टफूड की दुकान थी, जहां वह अक्सर खाना खाने जाती थी। इसी दौरान उस पर करीब 3500 रुपए का उधार हो गया था।

हत्या के बाद आरोपी चंडीगढ़ भाग गया

बताया गया कि वह लगातार उधारी का पैसा मांग रहा था। 15 अप्रैल की रात करीब 11 बजे आरोपी श्याम ने अनुष्का को फोन करके शोभापुर पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर दूर बुलाया। श्याम ने उससे पैसे मांगे, जिस पर अनुष्का ने कुछ दिन में पैसे देने की बात कही, लेकिन आरोपी जिद पर अड़ा रहा।इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई और अनुष्का ने विरोध किया। इस पर आरोपी श्याम बौखला गया और उसने ईंट उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को शोभापुर पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर दूर नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को शक न हो सके। वारदात के बाद आरोपी श्याम चंडीगढ़ फरार हो गया।

कॉल डिटेल्स से आरोपी का पता चला

अनुष्का के घर न लौटने पर भाई अनमोल ने उसे फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। इसके बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। करीब डेढ़ महीने तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। फिर पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर एक संदिग्ध को चिन्हित किया गया, जिससे अनुष्का की आखिरी बार बात हुई थी।

वह शख्स देहरादून का रहने वाला श्याम धानक निकला। पुलिस को उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी श्याम धानक को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उसने 31 मई को अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव को नाले से बरामद किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

गाजियाबाद में प्रतियोगिता खेलने गई थी अनुष्का

पिता नेमपाल ने बताया- आखिरी बार अनुष्का गाजियाबाद में कबड्डी प्रतियोगिता खेलने गई थी। वहां उसने 60 हजार रुपए पुरस्कार के रूप में भी जीते थे। उस समय अनुष्का ने बताया था कि उसकी सहेली की मां की तबीयत खराब थी, जिसके कारण उसने वह पैसे उसे दे दिए थे।

मेडल जीतकर लौटती तो गांव में खुशी की लहर होती थी

पिता नेमपाल ने बताया- अनुष्का जब भी मेडल जीतकर घर लौटती थी तो पूरा गांव झूम उठता था। परिवार में खुशी का माहौल रहता था। सभी को उम्मीद थी कि उनकी बेटी आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी। लेकिन आरोपी ने मात्र 3600 रुपये के लिए उसकी जान ले ली।अनुष्का की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र में घटना को लेकर गहरा रोष और शोक व्याप्त है।

2024 में जमानत पर आया था आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फास्टफूड संचालक श्याम ने थाना क्षेत्र में पहले भी एक अन्य महिला की हत्या की थी। वह साल 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आया था और पिछले दो वर्षों से रोहटा रोड पर फास्टफूड की दुकान चला रहा था। अनुष्का की हत्या के बाद से उसकी दुकान बंद पड़ी है।

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