शहर में  अब नगर निगम करेगा इंदौर जैसी सफाई

मेन रोड की 119 किलोमीटर की सड़क कल से मैकेनाइज्ड मैन्युअल स्वीपिंग से होंगी साफ

मेरठ। शहर  में सफाई व्यवस्था को देश के सबसे साफ शहर इंदौर बनाने की पहल का दवा नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।‌ आगरा की अग्रवाल एंड कंपनी शहर के मुख्य मार्गो की 119 किलोमीटर सड़क पर मैकेनिक स्वीपिंग प्रक्रिया के तहत सफाई कार्य करेगी।दिशा की बैठक और निगम की बोर्ड बैठक में भी इस योजना पर बात हुई थी जिसके बाद यह योजना अब शुरू की जा रही है। इसके शुभारंभ के दौरान आज सांसद अरूण गोविल महापौर हरिकांत आहलुवालिया, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी , नगर आयुक्त सौरव गंगवार द्वारा हरि झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

शहर के मुख्य मार्ग और बाजारों के कुल 119 किलोमीटर के क्षेत्र को कंपनी द्वारा जिसके तहत सुबह और शाम दोनों समय साफ सफाई पानी का छिड़काव आदि कर रख रखाव किया जाएगा। कंपनी के पदाधिकारी ने बताया कि हम आगरा में भी इसी तरह कार्य कर रहे हैं और पहले भी हमने अलग-अलग शहरों में इस प्रकार काम किया है।

इंदौर जैसी होगी व्यवस्था

कंपनी के इस कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद अरुण गोविल ने कहा कि जब मैं सांसद चुनकर यहां आया तो मैंने देखा शहर में गंदगी की बड़ी समस्या थी मैं चाहता था इसमें लगातार सुधार हो इसलिए मैंने इसमें आवाज भी उठाई और निगम के प्रयासों से आज यह फेल हो रही है यह निश्चित रूप से हमारे मेरठ को इंदौर जैसा साफ बनाने में सहायक साबित होगी इसके साथ ही जिस प्रकार हमारे शहर में नई-नई सुविधा आ रहे हैं तो अब विकास और सफाई दोनों एक साथ होगी।

पूरे शहर की सुधरी व्यवस्था

महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि कंपनी को 119 किलोमीटर का टेंडर दिया गया है अब जो पहले निगम के कर्मचारी हैं जिन क्षेत्रों में भी है कंपनी साफ सफाई करेगी वहां से अपने पुराने कर्मचारियों को हटाकर उन क्षेत्रों में भी भेजा जाएगा जहां कर्मियों की कमी है इस प्रकार से इस योजना के साथ पूरे शहर को लाभ मिलेगा।

1 महीने में दिखेगी सफाई

कंपनी के पदाधिकारी ने अपने काम करने के तरीके को लेकर बताया कि वह सुबह और शाम जिस समय आमतौर पर बाजारों में कम बेड रहती है उसे समय अपनी सफाई प्रक्रिया को पूरी करें सड़कों की सफाई जहां मशीनों के द्वारा होगी तो अन्य जगहों पर मैनुअल तरीके से भी काम होगा सड़कों से और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा हटाकर निगम द्वारा बताए गए डंपिंग स्टेशन या डस्टबिनों में डाला जाएगा जहां से कूड़ा नगर निगम द्वारा निस्तारण प्लांट तक ले जाया जाएगा साथ ही टेस्टिंग व्हीकल द्वारा जो धूल है उसे गांवड़ी प्लांट तक ही भेजा जाएगा इसमें सभी कर्मचारी मेंटेनेंस वाहन आदि कंपनी का ही होगा लगभग 1 करोड रुपए प्रति माह के हिसाब से यह सफाई होगी

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