सीसीएसयू में  चेहरे की पहचान के बाद मिलेगी एंट्री

 बाहरी लोगों का प्रवेश नियंत्रित करने को लगाया फेस रिकग्निशन सिस्टम

 मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावासों से लेकर पुस्तकालय तक अवांछित बाहरी छात्रों व लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय ने नई व्यवस्था की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रावासों में फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में यह सिस्टम लगाया गया है। इसके संचालन में सामने आ रही चुनौतियों व कठिनाइयों को परखा जा रहा है जिससे सिस्टम को पूरी तरह से दुरुस्त किया जा सके।वहीं राजा महेंद्र प्रताप केंद्रीय पुस्तकालय में भी यह सिस्टम लगाने का प्रस्ताव दिया गया है जिसमें पुस्तकालय में आने-जाने वालों की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। इसमें सिस्टम में लगे कैमरे में चेहरे की पहचान के बाद ही प्रवेश मिलेगा।

छात्रावासों में रहने वाले सभी छात्रों की तस्वीरों के साथ उनका डाटा इस सिस्टम में फीड किया गया है। विश्वविद्यालय के सभी नौ छात्रावासों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लगने के बाद छात्रावासों में न रहने वाले छात्रों का प्रवेश नियंत्रित रहेगा। अनुमति के बाद ही किसी अन्य छात्र को प्रवेश मिलेगा।

हालांकि वर्तमान सिस्टम में कैमरे के सामने यदि कोई छात्र थोड़ी देर खड़ा रहे तो अन्य छात्र उनके बगल से प्रवेश कर जा रहे हैं। इसी तरह कभी-कभी अज्ञात व्यक्ति के लिए भी सिस्टम दरवाजा खेल दे रहा है। इतना ही नहीं प्रवेश और निकासी दोनों ओर से छात्र आ और जा रहे हैं जबकि प्रवेश और निकासी के जलिए अलग-अलग कैमरे लगे हैं। इन अनियमिताओं को भी देखते हुए सिस्टम में सुधार किया जा रहा है।

केंद्रीय पुस्तकालय में विश्वविद्यालय परिसर के साथ ही कालेजों के विद्यार्थी और अन्य प्रोफेशनल भी किताबों पढ़ने और मिलने-जुलने आते रहते हैं। ऐसे में प्रवेश के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम में सभी का डाटा रख पाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नियमित पाठकों के साथ ही अन्य के प्रवेश के लिए अलग से व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है.

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