व्हीलर्स क्लब और रेस क्लब पर एक्शन की तैयारी
जीटीबी स्कूल को भी दिया जा चुका नोटिस
मेरठ।मेरठ छावनी (कैंट) क्षेत्र में स्थित बहुमूल्य रक्षा भूमि को अवैध अनाधिकृत कब्जों से मुक्त कराने के लिए रक्षा संपदा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद रक्षा संपदा अधिकारी विनीत कुमार ने गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) पब्लिक स्कूल को एक सप्ताह के भीतर परिसर खाली करने की सार्वजनिक सूचना (पब्लिक नोटिस) जारी कर दी है। इसके साथ ही कैंट के प्रतिष्ठित व्हीलर्स क्लब और रेस क्लब समेत कई अन्य स्कूलों पर भी डीईओ कार्यालय का कानूनी शिकंजा कस गया है।
डीईओ कार्यालय द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार बंगला संख्या 227 (जीएलआर सर्वे नंबर 375) स्थित रक्षा भूमि पर अवैध निर्माण और अनाधिकृत उपयोग का यह मामला काफी पुराना है। इस संबंध में लोक परिसर (अनाधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम 1971 की धारा 5-बी(1) के तहत सर्वप्रथम 7 अक्तूबर 1994 को वैधानिक नोटिस जारी किया गया था।
इस नोटिस के खिलाफ जिला न्यायालय मेरठ में वाद दायर किया गया था, जिसे अदालत ने 18 जुलाई 1995 को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामले ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से 26 मई 2010 को याचिका को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया था। अब डीईओ ने पुनः वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए सार्वजनिक सूचना जारी की है। यदि तय समय-सीमा के भीतर जीटीबी पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा परिसर खाली नहीं किया गया तो डीईओ कार्यालय स्कूल को सील करने की बड़ी तैयारी में जुटा है।
व्हीलर्स क्लब और रेस क्लब भी डीईओ के निशाने पर
रक्षा संपदा अधिकारी विनीत कुमार द्वारा रक्षा भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान के तहत कई अन्य बड़े संस्थान भी रडार पर हैं। डीईओ कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक लगभग एक वर्ष पहले व्हीलर्स क्लब को भी अवैध निर्माण के मामले में नोटिस जारी किया गया था, जिसकी कानूनी प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। वहीं बी-3 श्रेणी की भूमि पर संचालित हो रहे रेस क्लब को भी पीपी एक्ट के तहत नोटिस थमाया जा चुका है।
कैंट के कई स्कूलों पर लटक रही है कानूनी तलवार
रक्षा भूमि के अनाधिकृत उपयोग को लेकर डीईओ कार्यालय की यह कार्रवाई केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है। इससे पहले करीब एक साल पहले भी कैंट के ही एक अन्य प्रतिष्ठित स्कूल को नोटिस जारी किया गया था। डीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मेरठ छावनी क्षेत्र में चल रहे ऐसे विभिन्न स्कूलों को बहुत पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं और वर्तमान में अलग-अलग स्तरों पर उनकी सुनवाई व विधिक प्रक्रिया जारी है।


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