माटी कला के शिल्पकारों के हुनर को तराशेगी सरकार

-पारंपरिक कलाओं और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार की पहल

- माटी कला के युवा शिल्पकारों को मिलेगा आवासीय प्रशिक्षण और भत्ता 

-पारंपरिक कलाओं के कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम

मेरठ। पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और इन कला के कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार विशेष पहल कर रही है। माटी कला से संबंधित विभिन्न  उत्पादों जैसे मिट्टी के बर्तन, सजावटी सामान और मूर्तियों का निर्माण करने वाले कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और उनके हुनर को निखारने के लिए सरकार की ओर स्थानीय स्तर पर निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। 

उ.प्र. माटी कला बोर्ड की तरफ से माटी कला कौशल विकास योजना के तहत जिले के माटी कामगारों को 15 दिवसीय शिल्पकारी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। विशेष प्रशिक्षण शिविरा में शिल्पकारों को रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली आधुनिक वस्तुएं और आकर्षक सजावटी सामग्री तथा खिलौने और मूर्तियां बनाने की तकनीक सिखाई जाएगी। इस दौरान शिल्पकारों को पच्चीकारी, चित्रकारी, मिट्टी से बने विभिन्न उत्पादों पर कटिंग और नक्काशी जैसी विधाओं में पारंगत बनाया जाएगा। इस प्रशिक्षण को पूर्णतः आवासीय बनाया गया है। प्रशिक्षण की अवधि में सभी लाभार्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार भत्ता भी प्रदान करेगी। 

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से माटी कला व्यवसाय से जुडे़ लोगों के कल्याण के लिए ही माटी कला कौशल विकास योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत स्थानीय बाजारों की मांग के अनुसार काराीगरों को कौशल विकास में निपुण बनाया जाएगा। जिले के लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था इस बार नजीबाबाद में की गई है। 

ऑनलाइन आवेदन करने पर मिलेगा लाभ

 जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के अनुसार योजना में शामिल होने के इच्छुक युवक और युवतियों को माटीकला बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगाा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन करने वाले युवाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।

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