31 हजार बालिकाओं को मिलेगा सुमंगला योजना का लाभ
- जून 2026 में खाते में भेजी जाएगी 7 करोड़ से अधिक की धनराशि
- लाभार्थी बालिकाओं को छह चरणों में धनराशि का हो रहा आवंटन
मेरठ। बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई सुमंगला योजना नए आयाम स्थापित कर रही है। वर्तमान में जिले में 31 हजार एक सौ अठारह बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। जून माह के पहले सप्ताह में इन बालिकाओं के खातों में 7 करोड़ 46 लाख 56 हजार रूपये की धनराशि आवंटित करने की कवायद तेज हो गई है।
सुमंगलया योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 25,000 रुपये की कुल आर्थिक सहायता छह चरणों में प्रदान की जाती है, जिससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य स्थिति मजबूत बनी रहे। पहले चरण में बालिका के जन्म पर 5000 रुपये, दूसरे चरण में टीकाकरण पूर्ण होने पर 2000 रुपये, तीसरे चरण में कक्षा प्रथम में प्रवेश लेने पर 3000, चौथे चरण में कक्षा छह में प्रवेश पर 3000 रुपये, पांचवें चरण में कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये और अंतिम और छठे चरण में कक्षा 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक के लिए 7000 रुपये की धनराशि दी जाती है।
महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रदेश भर में 27,37,676 से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान में जिले की लाभार्थी बालिकाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होना तय है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले में सैंकड़ों नवीन आवेदन हो चुके हैं, जिनकी जाचं की जा रही है।
डीपीओ अनुपम यादव ने बताया कि सभी नवीन आवेदनों की जांच करके उन्हें भी लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया जाएगा। अगले महीने इस योजना के विभिन्न चरण की लाभार्थी बालिकाओं को धनराशि डीबीटी प्रक्रिया के माध्यम से उनके खातों में भेजी जाएगी। इन दिनों अनुमानित तौर पर 7 करोड़ 46 लाख 56 हजार रूपये की धनराशि आवंटित करने की कवायद तेज हो गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत सबसे ज्यादा लाभ बालिका के जन्म एवं टीकाकरण के स्तर पर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढी जागरूकता
सुंमगला योजना बेटियों के उत्थान और सशक्तिकरण को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक मदद मिलने के कारण ग्रामीण वर्ग के लोगों में इस योजना के प्रति जागरूकता अधिक बढ़ी है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना भी लोगों की जागरूकता का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।


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