शोभित विवि में ‘बायो-एक्सप्लोर 2026’ कार्यशाला का भव्य शुभारम्भ

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड लाइफ साइंसेज द्वारा तीन दिवसीय कार्यशाला “बायो-एक्सप्लोर 2026: फ्रॉम बेसिक्स टू एडवांस टेक्निक्स” का  शुभारम्भ किया गया। यह कार्यशाला डोरील लैब्स देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई |

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रति कुलपति प्रो. डॉ. जयानंद एवं स्कूल की निदेशक डॉ. दिव्या प्रकाश द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने ज्ञान और नवाचार के इस महोत्सव की गरिमामयी शुरुआत की। अपने प्रेरक उद्बोधन में प्रो. डॉ. जयानंद ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक कौशल ही विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बताया।

प्रो. (डॉ.) दिव्या प्रकाश ने अपने संबोधन में बायोटेक्नोलॉजी के तेजी से विकसित होते क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें उद्योग एवं अकादमिक क्षेत्र की मांगों के अनुरूप तैयार करते हैं।कार्यशाला में डोरील लैब्स देहरादून से आए अनुभवी विशेषज्ञों प्रो० डॉ० सचिन, विवेक कुमार, प्रीति एवं कोमल का स्वागत किया गया।

प्रथम दिवस प्रयोगात्मक ज्ञान का सशक्त आरम्भ

कार्यशाला के पहले दिन को पूर्णतः प्रायोगिक गतिविधियों के लिए समर्पित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने बायोटेक्नोलॉजी की आधारभूत एवं उन्नत तकनीकों को स्वयं करके सीखा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के अगार मीडिया की तैयारी की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया, जिसमें पोषक तत्वों के संतुलन और सूक्ष्मजीवों की वृद्धि के लिए उपयुक्त परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा गया।

इसके साथ ही, विद्यार्थियों को विभिन्न स्रोतो से बैक्टीरिया के आइसोलेशन की तकनीक सिखाई गई, जो माइक्रोबायोलॉजी अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसके अतिरिक्त, एसिड फास्ट बेसिली की पहचान के लिए विशेष स्टेनिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को रोगजनक सूक्ष्मजीवों की पहचान एवं विश्लेषण की वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।

इन सभी गतिविधियों ने विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक जिज्ञासा को और अधिक प्रबल किया तथा उन्हें प्रयोगशाला कार्य के प्रति आत्मविश्वास प्रदान किया।कार्यक्रम का संचालन अनुष्का, साक्षी  द्वारा किया गया | डॉ. मोनिका चौधरी ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का हृदय से आभार व्यक्त किया ।इस अवसर पर आर. जी. डिग्री कॉलेज की प्रो. डॉ. अमिता शर्मा, डॉ. रुपेश, डॉ. मानसी आदि उपस्थित रहे।

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