जनप्रतिनिधियों ने 10 साल में रोडवेज के बसों नहीं रखा पैर
पीएम मोदी-योगी सार्वजनिक परिवहन की कर रहे अपील
मेरठ। एक तरफ खाड़ी में युद्ध के कारण पेट्रोल -डीजल के दामों में लगातार बढ़ रहे दामों के चलते देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने की अपील कर रहे है। लेकिन रोड़वेज के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार उनके क्षेत्र में आने वाले रोड़वेज बस अडडो से दस सालों मे किसी भी जनप्रतिनिधि ने रोड़वेज की एक सीढ़ी भी नहीं चढ़ी है। हम यह हवा नहीं कर रहे बल्कि रोडवेज के आंकडे बता रहे है।
मेरठ रीजन के अंतर्गत पांच बस डिपो आते है। जिसमें भैंसाली, मेरठ डिपो, साोहराब गेट , गढ़ व बडौत डिपाे आते है। इन डिपो से चलने वाले एसी व साधारण बसों के लिए जनप्रतिनिधियों पूर्व जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित सीट होती है। पिछले एक दशक से रोडवेज के इन डिपों से किसी सांसद, पूर्व सांसद, विधायक व पूर्व विधायक राेडवेज की बसों में सफर नहीं किया है। गत दिनों विशेष श्रेणी के यात्रियों में शुमार वर्तमान सांसद, विधायक व पूर्व सांसद व विधायक की ओर से रोडवेज बसों में यात्रा करने की रिपोर्ट तैयार कराई गयी थी। वही बसों के चालक व परिचालकों का कहना है बसें में जनप्रतिनिधियों के रिजर्व सीट शो पीस बन कर रह गयी है। मनानीयों के न आने से दूसरे यात्रियों को सीट पर बैठाना पड़ता है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेतीय कार्यालय के लेखाकार भारत भूषण का कहना है कि यूपी रोडवेज के रीजन के अंतर्गत आने वाले पांचों अडडो से पिछले दस सालों में किसी भी रोडवेज की बसों में सफर करना दस्तावेजों में अंकित नहीं है। उन्होंने बताया रिजर्व सीटों पर प्रति दिन का रिकार्ड रखा जाता है।


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